जाट आरक्षण की आग अब पंचकूला भी पहुंच गई है। आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने पंचकूला-कालका-शिमला हाईवे को जाम कर दिया।
इससे करीब साढे़ पांच घंटे तक गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। जाट आंदोलनकारियों से निपटने के लिए पंचकूला पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पुलिस के साथ पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आंदोलनकारियों को समझा बुझाकर उठाया और जाम खुलवाया। आंदोलनकारियों के कारण रामगढ़ से नाडा साहिब होते हुए आने वाली गाड़ियां, पंचकूला से कालका और शिमला जाने वाली गाड़ियां काफी समय तक फंसी रहीं।
जाट आरक्षण को लेकर पंचकूला का माहौल दिनभर गरम रहा। रविवार को आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारी पहले सेक्टर-6 के जाट भवन में एकत्रित हुए। इसके बाद दस बजे सेक्टर-6 से प्रदर्शन करते हुए निकले और बेलाविस्टा चौक से होते हुए माजरी चौक पर पहुंचे।
यहां प्रदर्शनकारियों ने दस मिनट तक जाम लगाया। माजरी चौक से हाईवे के मार्ग से ही प्रदर्शनकारी पंचकूला-कालका-शिमला हाईवे के लाइट प्वाइंट पर पहुंचे। करीब 11 बजे आंदोलनकारी लाइट प्वाइंट पर बैठ गए। यहां आंदोलनकारियों ने आने जाने वाली गाड़ियों को रोक दिया और देखते ही देखते हाईवे पर जाम लग गया।
आंदोलनकारी जाट आरक्षण देने की मांग कर रहे थे। जाट कमेटी के मीडिया प्रभारी आजाद मलिक ने कहा कि भाजपा विधायक राजकुमार सैनी भड़काऊ भाषण दे रहे हैं तो उनको सिर्फ कारण बताओ नोटिस ही क्यों दिया गया, उन्हें तो पार्टी से निष्काषित किया जाना चाहिए।
जाम खुलवाने पहुंचे डीसी
पंचकूला में जाट आरक्षण की मांग को लेकर लगा जाम खुलवाने के लिए डीसी मंदीप सिंह बराड़ और डीसीपी अनिल धवन के साथ ही नगर निगम कमिश्नर जगदीप ढांडा भी पहुंचे। डीसी ने आंदोलनकारियों को बुलाया और हाईवे से हटने को कहा। डीसी ने कहा कि नेशनल हाईवे पर जाम लगाने से आम जनता प्रभावित हो रही है, इसलिए यहां से जल्द आंदोलनकारी उठ जाएं तो बेहतर होगा।
डीसीपी ने भी संभाला मोर्चा
पंचकूला पुलिस के डीसीपी अनिल धवन ने जाट नेताओं के बीच जाकर उनसे हाईवे क्लीयर करने के लिए कहा। आंदोलन के कारण चंडीमंदिर से पंचकूला आने वाली गाड़ियों को रोक दिया गया और शिमला व कालका से आने जाने वाली गाड़ियों को भी रोक दिया गया था। डीसीपी ने भी जाट नेताओं को समझाया कि प्रदर्शन से लोगों को परेशानी हो रही है।
सवा तीन बजे एक रास्ता खोला
डीसी और डीसीपी से बातचीत के बाद आंदोलनकारियों ने करीब सवा तीन बजे पंचकूला से शिमला की ओर जाने वाला एक रास्ता खोल दिया। लेकिन कुछ जाट नेता नहीं माने और वह शिमला की ओर से आने वाले मार्ग पर बैठे रहे। उन्होंने वहीं पर नारे लगाकर प्रदर्शन करने लगे। हाइवे पर ‘साडा हक ऐथे रख’ के नारे गूंजते रहे। माहौल गर्म देखकर पुराने पंचकूला के तरफ जाने वाले रास्तों की ट्रैफिक को पुलिस ने बेरीकेड्स लगाकर रोक दी।
4.19 पर जाम खत्म हुआ
सवा तीन बजे कुछ आंदोलनकारी उठ गए और दूसरों को उठने के लिए भी कहते रहे, लेकिन दूसरे रोड पर बैठे आंदोलनकारी नहीं माने। वह दूसरे रोड से गुजरने वाले ट्रकों को रोककर उसके आगे खड़े होकर नारे लगाते रहे। करीब चार बजे डीसी ने एकबार फिर आंदोलनकारियों को हटने के लिए कहा और दूसरी ओर पुलिस को जाम हटाने के निर्देश दिए। आंदोलनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी थी और आसपास के लोगों को हटाना शुरू कर दिया। पुलिस इकट्ठा हो गई, लेकिन इस बीच बचे हुए आंदोलनकारी नारे लगाते हुए उठ गए और जाट भवन की ओर चल पड़े।
सवा चार घंटे फंसे रहे स्टूडेंट्स
पिंजौर निवासी सिद्धार्थ और नैनशी ने बताया कि वह फाइन आर्ट के स्टूडेंट्स हैं। वह चंडीगढ़ परीक्षा देने गए थे। जाम की वजह से चार घंटे से पुराने पंचकूला में फंसे थे। सुबह से बिना कुछ खाए पीए जाम खुलने का इंतजार कर रहे हैं। सोमवार सुबह उनकी परीक्षा भी है। जाम की वजह से उनका चार घंटे समय बर्बाद हुआ है।
महेशपुर के पास ओवरब्रिज में फंसी एंबुलेंस
कालका-शिमला हाईवे पर महेशपुर के पास जाम में फंसे आकाश ने बताया कि महेशपुर ओवरब्रिज पर एक एंबुलेंस फंस गई थी। उसमें एक मरीज भी था। जाम में एंबुलेंस करीब ढाई घंटे तक फंसी रही। किसी तरह उसे जाम से निकाला गया।