अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक
जाट आरक्षण के मुद्दे पर सरकार ने दिल्ली में वार्ता के दौरान जो वादे किए थे, उनसे पीछे हटी तो अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।
31 अगस्त तक का अल्टीमेटम आखिरी है। यदि इस तारीख तक जाटों को आरक्षण नहीं मिला और सरकार ने फिर धोखा किया तो जाट फिर से सड़कों पर उतरेंगे। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने शनिवार को यहां जाट व्यापार मंडल के सम्मेलन को संबोधित करने के दौरान सरकार को यह चेतावनी दी।
मीडिया से बातचीत में मलिक ने कहा कि इस बार आरक्षण नहीं मिलने की स्थिति में शहीद सुनील श्योराण की बरसी पर 13 सितंबर को मय्यड़ में राज्यस्तरीय रैली की जाएगी। यही पर आंदोलन के प्रारूप की घोषणा होगी। उन्होंने सुरेंद्र दहिया को दहिया खाप का अध्यक्ष मानने से इंकार करते हुए उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
मलिक ने कहा कि दहिया खाप के अध्यक्ष सुरेंद्र दहिया नहीं, बल्कि प्रताप दहिया हैं। दहिया खाप जुलाई के पहले हफ्ते में अपने चबूतरे पर पंचायत करेगी। मलिक ने कहा कि उन पर गड़बड़ करने का आरोप लगाने का इसलिए कोई अर्थ नहीं है कि वह कभी चंदा एकत्र नहीं करते। न कभी किया है और न कभी करेंगे।