जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़के उपद्रव को काबू करने के लिए तैनात की गई सेना को हटा लिया गया है। हालांकि पुलिस की मदद के लिए फिलहाल अर्धसैनिक बल को यहां बनाए रखा गया है।
आरक्षण आंदोलन की आग में रोहतक, झज्जर, सोनीपत, भिवानी, हिसार, जींद, कैथल आदि जिले बुरी तरह झुलसे थे। यह आग करीब-करीब पूरे प्रदेश में फैल गई थी। आंदोलन के हिंसक होने पर सेना को मैदान में उतारना पड़ा था।
आंदोलन की आग ठंडी पड़ने के बाद शासन ने जिलाधिकारियों से सेना को हटाने के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। शासन के सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारियों की सहमति पर धीरे-धीरे सेना को वापस भेजा जाने लगा था। अब सभी जिलों से सेना को हटा लिया गया है। फिलहाल अर्धसैनिक बल प्रदेश के उपद्रव प्रभावित जिलों में बने रहेंगे।