हिसार लोकसभा चुनाव जाट और गैर जाट के बीच झूल सकता है। इस सीट पर 1991 और उसके बाद कांग्रेस दो बार ही जीत सकी है। दो बार हजकां जीती है।
कांग्रेस से अलग होकर हरियाणा विकास पार्टी के चुनाव चिन्ह पर लड़े ओपी जिंदल भी यहां से चुनाव जीते हैं। इनेलो ने भी दो बार हिसार लोकसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है।
हिसार लोकसभा क्षेत्र हरियाणा के दिवगंत मुख्यमंत्री भजनलाल का गढ़ रहा है। वे 1980 से 2007 तक कांग्रेस में रहे। उन्होंने 2007 में कांग्रेस छोड़ी और हजकां (बीएल) नई पार्टी बनाई।
उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में हजकां बीएल पर चुनाव लड़ा और उनके मुकाबले इनेलो ने संपत सिंह को मैदान में उतारा था।
कांग्रेस की तरफ से जयप्रकाश मैदान में थे। भजनलाल ने 2,48,476 वोट हासिलकर जीत हासिल की थी जबकि संपत सिंह ने 2,41,493 और जयप्रकाश 2,04,539 वोट हासिल किए थे। मगर उनके देहांत के बाद हिसार उपचुनाव अक्तूबर, 2011 में हुआ। उससे पहले भाजपा और हजकां का गठबंधन हो गया था।
उप चुनाव में दिवंगत मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई हजकां की तरफ से प्रत्याशी थे और इनेलो की तरफ से अजय चौटाला ने चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के जयप्रकाश ने ताल ठोकी थी।
हालांकि चौटाला और जयप्रकाश जाट समुदाय से संबंधित थे। उपचुनाव पूरी तरह जाट और गैर जाट के बीच बंट गया था। जाट समुदाय के अधिकतर वोट अजय चौटाला को मिले थे।
हालांकि गैर जाट वोट भी उन्हें मिले थे। मगर कुलदीप बिश्नोई को 3,55,955 (38.84 फीसदी) वोट मिले थे और जीत हासिल की थी जबकि अजय चौटाला को 3,49,620 (38.15 फीसदी) वोट मिले थे।
वे मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे। कांग्रेस के जयप्रकाश को मात्र 1,49,776 (16.34 फीसदी) वोट मिले थे और उनकी जमानत जब्त हो गई थी।
इस बार चुनावी माहौल बदला हुआ है। भाजपा-हजकां गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप बिश्नोई का हिसार से ताल ठोकना तय माना जा रहा है। इनेलो के उम्मीदवार अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला ताल ठोकेंगे।
कांग्रेस ने संपत सिंह को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी ने रिटायर्ड आईएएस युद्धवीर सिंह ख्यालिया को टिकट दी है। दुष्यंत चौटाला, संपत सिंह और युद्धवीर सिंह ख्यालिया जाट समुदाय से हैं।
जाट आरक्षण का किसे मिलेगा लाभ
जाट आरक्षण आंदोलन का गढ़ हिसार लोकसभा क्षेत्र रहा है। हरियाणा सरकार ने जाटों समेत पांच जातियों को 10 फीसदी विशेष पिछड़ा वर्ग में आरक्षण दिया है। अब केंद्र ने ओबीसी में जाटों को शामिल कर लिया है।
हिसार जिले के जाट अब कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देंगे या दुष्यंत चौटाला को, यह बाद में पता चलेगा। मगर जाट और गैर जाट के बीच यह चुनाव उलझ सकता है। एक अनुमान के अनुसार हिसार लोकसभा क्षेत्र में करीब साढ़े चार लाख जाट मतदाता माने जाते हैं।
लोकसभा सीट का प्रोफाइल
कुल मतदाता-----------------14,84,737
पुरुष मतदाता-----------------8,10,071
महिला मतदाता-----------------6,74,666
कुल मतदान केंद्र-----------------1509
पिछले लोकसभा चुनाव में यह रहे परिणाम
2011
उम्मीदवार-----------------पार्टी-----------------हासिल वोट (फीसदी)
कुलदीप बिश्नोई ------------हजकां-----------------38.84
अजय चौटाला--------------इनेलो-----------------38.14
2009
भजनलाल-----------------हजकां-----------------29.99
संपत सिंह-----------------इनेलो-----------------29.15
2004
जयप्रकाश-----------------कांग्रेस-----------------52.89
सुरेंद्र बरवाला-----------------इनेलो-----------------29.15
1999
सुरेंद्र बरवाला-----------------इनेलो-----------------62.03
बीरेंद्र सिंह-----------------कांग्रेस-----------------36.93
1998
सुरेंद्र बरवाला-----------------एचएलडी (आर)-----------------35.89
ओमप्रकाश जिंदल-----------------हविपा--------------------24.79
1996
जयप्रकाश-----------------हविपा-----------------42.32
गौरी शंकर-----------------एसएपी-----------------18.20
सुरजीत सिंह-----------------कांग्रेस-----------------14.91
1991
नारायण सिंह-----------------कांग्रेस-----------------38.37
जयप्रकाश-----------------जेपी-----------------34.06