आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन पर जाट दो फाड़ हो गए हैं। आंदोलन से खुद को अलग करते हुए जहां एक गुट ने शुक्रवार को सीएम खट्टर से मुलाकात की वहीं, मलिक गुट 29 जनवरी से धरने पर अडिग है।
इधर, रोहतक में एक गुट ने पिछले साल आंदोलन में गिरफ्तार युवाओं को रिहा करने की मांग को लेकर अनिश्चिकालीन धरना शुरू कर दिया। शासन-प्रशासन ने भी आंदोलन के मद्देनजर कमर कस ली है। रोहतक, सोनीपत, कैथल फतेहाबाद, अंबाला और झज्जर जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है।
जाट संगठनों और खाप नेताओं ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। करीब तीन घंटे तक चली वार्ता में मुख्यमंत्री ने पिछले जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को 15 दिनों में नौकरी देने पर हामी भर दी।
उधर, रोहतक में कड़ी सुरक्षा के बीच जाट जागृति सेना का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार से शुरू हो गया है। जागृति सेना का कहना है कि जब तब उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी तब तक धरना जारी रहेगा। उधर, जसिया में 29 जनवरी से यशपाल मलिक गुट धरना देगा।