सरकार अब तक उनकी मांगों पर काम कर रही है मगर बहुत धीरे। अगर सरकार सोच रही है कि विश्वासघात करेंगी तो हम चेताना चाहते हैकि विश्वासघात किया तो जाट दिल्ली जाएंगे। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कही। वह समिति के जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे। ये कार्यक्रम जाट धर्मशाला में आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर यशपाल मलिक ने कहा कि उनकी मांगों में आरक्षण, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे रद्द किए जाए, पकड़े गए युवाओं को रिहा किया जाए और मृतक परिवारों को नौकरी व मुआवजा व घायलों को मुआवजा दिलाना आदि शामिल है। इनमें मृतकों के परिवारों को नौकरी मिल गई है और मुआवजा भी दिया जा रहा है। दर्ज मुकदमे में कुछ कोर्ट में है। कैप्टन अभिमन्यु के केस में ही करीब 20 युवा जेल में है। चार जून को रोहतक में होने वाली राज्यस्तरीय बैठक में इन मुद्दों पर विचार किया जाएगा। कैप्टन को कैसे मनाया जाए, इस पर विचार किया जाएगा।
चार जून को तय होगी आंदोलन की आगामी रूपरेखा
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सभी जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद चार जून को आंदोलन की आगामी रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सोच रही है कि विश्वासघात करेगी। ऐसा किया तो जाट दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को आईएएस, एचसीएस, एसएससी आदि परीक्षाओं की तैयारियों के लिए कोचिंग सेंटर की जरूरत है।
इस पर विचार चल रहा है। जाट समाज के ही एक नेता की बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि समाज ने उसे सरकारी कहकर जवाब दे दिया है। यह समाज तय करेगा कि चंदे के रूपये का क्या करना है। सम्मेलन में इनेलो की ओर से राजू मेहरा, मंदीप आदि ने अपना समर्थन दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता जाटू खाप के प्रधान राजमल ने की। धरने में राज्य कार्यकारिणी महासचिव अशोक बल्हारा, बीएस अहलावत, जीतराम रेवाड़ी, हिम्मत सिंह हिसार, राजमल, प्रदेश महासचिव कुलदीप, गंगाराम श्योराण, जिला प्रधान होशियार सिंह जताई, रणबीर बेनिवाल, रामचंद्र, आदि ने विचार रखे।