पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार मनीमाजरा की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर की अंतरिम जमानत याचिका पर सोमवार को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सीबीआई ने अंतरिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी जसविंदर कौर ने जांच के दौरान बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया। जांच में शामिल होने से बचने के लिए आरोपी धोखा देकर काफी दिनों तक जानबूझकर फरार रही।
सीबीआई ने अदालत में कहा कि हिरासत में भी जसविंदर कौर ने जांच अधिकारी को आत्महत्या करने की धमकियां दीं। ऐसे में वह जमानत के दौरान जांच में बाधा डाल सकती है। इसलिए जसविंदर कौर की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज किया जाए। इस पर अदालत ने कहा कि जसविंदर कौर को पुलिस हिरासत में ही जमानत दी जा सकती है। जसविंदर के वकील ने कहा कि वह इस पर अपने क्लाइंट से बात करेंगे। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया है।
बता दें कि जसविंदर कौर के बेटे की शादी 14 अगस्त को होनी है। इसके लिए उन्होंने अदालत में अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि मां होने के नाते उनका शादी में शामिल होना जरूरी है क्योंकि कुछ रस्में उनके बिना नहीं हो सकतीं। उन्होंने याचिका में कहा है कि इस दौरान वह न तो मनीमाजरा थाने जाएंगी और न ही किसी गवाह को प्रभावित करेंगी। उन्होंने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए 13 अगस्त से 15 अगस्त तक 3 दिन के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की याचिका खारिज
साथ ही सीबीआई अदालत ने जसविंदर कौर के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल, जसविंदर कौर ने याचिका दायर कर मनीमाजरा थाने की 30 जून की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि भविष्य में दलीलें पेश करने के लिए उन्हें इस फुटेज की आवश्यकता पड़ सकती है। बता दें कि जसविंदर कौर पर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। पिछले महीने आरोपी जसविंदर कौर ने 26 दिन बाद अदालत में सरेंडर किया था। चार दिन के सीबीआई रिमांड के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।