रात साढ़े नौ बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक अविरल भजन, कीर्तन और प्रवचन हुआ। रात 12 बजे तक श्री राधा माधव का महाभिषेक और आरती हुई। भक्तों ने अपने हाथों से भगवान को झुलाया। राधामाधव सुबह से ही राजवेश में विराजमान रहे। देश विदेश से मंगाए फूलों से इस्कॉन को भव्य और आकर्षक तरीके से सजाया गया। सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।

शाम साढ़े सात बजे से 108 कलश अभिषेक शुरू
वाटर प्रूफ पंडाल में शाम साढ़े सात बजे से ही भगवान राधा माधव का 108 परिवारों ने अपने हाथों से अभिषेक किया। यह कार्यक्रम रात साढ़े दस बजे तक चला। इसके बाद 108 लोगों ने राधा कृष्ण को प्रदीप दान किया। यह कार्यक्रम शाम साढ़े सात बजे से रात साढ़े नौ बजे तक चला।
इस्कॉन के ब्राह्मणों ने किया राधा माधव का महाभिषेक
108 कलश अभिषेक के उपरांत इस्कॉन के दीक्षित ब्राह्मणों ने भगवान श्री राधा कृष्ण का महाभिषेक किया। यह अभिषेक रात साढ़े 11 से रात 12 बजे तक चला। भगवान के जन्म के साथ ही नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारे से पूरा परिसर गूंज उठा।
श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में झांकियों ने मोहा मन
श्री चैतन्य गौड़ीय मठ को आकर्षक ढंग से सजाया गया। मठ में गुरुवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मठ में आकर्षक झांकियां को देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। बहुत से भक्त अपने बच्चों को कृष्ण का भेष धारण करवाकर दर्शन के लिए पहुंचे। नन्हे नंद लाल का मनमोहक रूप आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मठ मंदिर को राजमहल जैसा सजाया गया है। रंग-बिरंगे फूलों से सजे झूमर के साथ हर कोई सेल्फी लेना नहीं भूल रहा था। शहर के गण्यमान्य लोगों ने मठ पहुंचकर भगवान को माथा टेका। मठ के प्रवक्ता जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि जन्माष्टमी की तैयारियां तीन महीने पहले ही शुरू हो गई थी। बिहार और बंगाल के मूर्तिकारों ने मूर्तियां बनाई हैं।
दिनभर चला भजन कीर्तन का दौर
मठ को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। शाम में भगवान की भव्य आरती हुई। मठ में सुबह से ही प्रवचनों का दौर शुरू हो गया। जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि मठ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सुबह पांच बजे मंगल आरती हुई। सुबह छह बजे से आठ बजे प्रभात फेरी और कीर्तन का आयोजन हुआ। पूरा दिन भजन कीर्तन चलता रहा।
रात नौ बजे से लेकर 12 बजे तक श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध का पाठ एवं हरिनाम संकीर्तन का आयोजन हुआ। रात 12 बजे प्रकट कालीय अभिषेक के बाद प्रसाद बांटा गया। भगवान को 111 व्यंजनों का भोग लगाया गया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को नंदोत्सव का भंडारा होगा।
सेक्टर-40 स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में सुबह हवन के बाद ध्वजारोहण हुआ। सुबह 10 से 12 बजे तक वृंदावन से आए श्याम बिहारी ने कथा और संकीर्तन किया। मंदिर कमेटी के महासचिव विनय कपूर ने बताया कि रात को 9 बजे बच्चों के लिए कार्यक्रम कराया गया। उसके बाद महिला मंडल ने संकीर्तन किया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होने पर पंचामृत से अभिषेक कर उनकी आरती उतारी।
वहीं सेक्टर-38 स्थित श्री सनातन धर्म में उत्तरकाशी से आए कथा व्यास पारसमणि शास्त्री ने प्रवचनों की अमृतवर्षा की। मंदिर कमेटी के महासचिव रविंदर पुष्प भगत्यार ने बताया कि बच्चों को पहला पुरस्कार पांच हजार एक सौ रुपये, दूसरा इनाम 3100 रुपये और तीसरा पुरस्कार 2100 रुपये प्रदान किया गया।
सेक्टर-8 स्थित प्राचीन शिव मंदिर में लड्डू गोपाल को भक्तों ने अपने हाथों से झूला झुलाया। मंदिर के पुजारी अयोध्या प्रसाद शास्त्री ने बताया कि बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। सेक्टर-11 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान का दर्शन किया। सेक्टर-24 स्थित प्राचीन शिव मंदिर शिवालय खेमपुरी के प्रबंधक गोविंद हरि ने बताया कि सुबह ध्वजारोहण के बाद भगवान शिव का रुद्राभिषेक हुआ। रात साढ़े आठ बजे से 12 बजे तक भजन संकीर्तन हुआ। इसके बाद ठाकुर जी की भव्य आरती हुई।
प्राचीन मंदिर में ड्राईफ्रूट का केक काट मनाई जन्माष्टमी
मनीमाजरा किला के पीछे प्राचीन शिव मंदिर में जन्माष्टमी मनाई गई। मंदिर में रात 12 बजे पांच किलो ड्राईफ्रूट का केक काट कर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान पंडित उदय कुमार, गुलशन आचार्य, रिंकू धीमान, मोनू शर्मा, अमित कुमार, दिनेश मिश्रा आदि ने विशेष सहयोग दिया।