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Chandigarh News: जानकीदास हत्याकांड के तार पाकिस्तान से जुड़े

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चंडीगढ़। सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड के तार पाकिस्तान समर्थित आईएसआई के नार्को-टेरर और फेक करेंसी नेटवर्क से जुड़े होने का दावा किया है।
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में चंडीगढ़ पुलिस के एसपी अनुराग ने कहा कि गिरफ्तार 4 आरोपियों का पाकिस्तान कनेक्शन मिला है। पुलिस ने पंजाब के तरनतारन और अमृतसर से आकाश कुमार उर्फ मनी, सचिन सिलवेस्टर और गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि पूरी साजिश कपूरथला जेल में बंद गैंगस्टर धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली ने कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के निर्देश पर रची थी। मुख्य साजिशकर्ता धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली को कपूरथला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक कपूरथला जेल में बंद धर्मेंद्र उर्फ गोली पूरे मॉड्यूल का संचालन कर रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के निर्देश पर उसने शूटर अमित कुमार उर्फ शराबी, सन्नी मेहरा और आर्यन शर्मा तक हत्या में इस्तेमाल जिगाना पिस्तौल और अन्य संसाधन पहुंचाने की व्यवस्था की। पूछताछ में गुरमीत उर्फ बादशाह ने बताया कि धर्मेंद्र फोन पर लगातार निर्देश देता था कि हथियार कहां से लेने हैं, शूटरों को कहां ठहराना है, बाइक और कपड़ों का इंतजाम कैसे करना है।
पुलिस के अनुसार गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह ने शूटरों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया जबकि सचिन सिलवेस्टर ने हथियारों की डिलीवरी की। आकाश कुमार उर्फ मनी विदेशी ऑपरेटिव्स के संपर्क में रहकर ड्रग्स और नकली नोटों की खेप देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी में था। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के कब्जे से 3.028 किलोग्राम आइस ड्रग, करीब आठ लाख रुपये की जाली भारतीय करेंसी, दो विदेशी पिस्तौल और मैगजीन बरामद की हैं। पूछताछ में धर्मेंद्र ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग से अपने संबंध होने की बात भी स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार जांच एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के हैंडलर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स के माध्यम से पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय तस्करों के संपर्क में थे। रात के समय ड्रोन के जरिये भारत में अत्याधुनिक विदेशी हथियार, हेरोइन, आइस ड्रग (मेथामफेटामाइन) और जाली भारतीय करेंसी भेजी जा रही थी। इनका इस्तेमाल गैंगस्टरों को हथियार उपलब्ध कराने, आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद देने और देश में अस्थिरता फैलाने के लिए किया जा रहा था।
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32 संगीन मामले दर्ज
धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली के खिलाफ हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित 32 संगीन आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन, ड्रोन सप्लाई चैन, फंडिंग और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच में जुटी है।
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