देश में टिक टॉक समेत 59 चाइनीज एप पर प्रतिबंध लगाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर जालंधर के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर सोमेश ने टिक टॉक (tic-tok) का भारतीय वर्जन तैयार कर दिया है। अब इस एप को डाउनलोड कर उस पर अपना वीडियो बनाने वाले को लाइक के मुताबिक पैसे भी मिलेंगे।
भारतीय टिक टॉक एप बनाने वाले सोमेश ने कनाडा से इंजीनियरिंग की है। जालंधर के पंजाब एवेन्यू के रहने वाले सोमेश ने पीएचडी की है। उनका कहना है कि जब चाइनीज टिक टॉक पर प्रतिबंध लगा, उसी दिन से उन्होंने इस पर काम करना शुरू कर दिया था। भारतीय टिक टॉक में चाइनीज टिक टॉक के मुकाबले अंग्रेजी के एक अक्षर का बदलाव किया है।
सोमेश ने बताया कि उनके टिक टॉक एप गूगल प्ले स्टोर आ चुका है। छह दिन पहले इसको लांच किया गया था तब से 10 हजार लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं लेकिन अभी प्ले स्टोर पर यह शो नहीं हो रहा है, क्योंकि चाइनीज हैकर इसको स्ट्राइक कर रहे हैं। सोमेश का कहना है कि भारतीय टिक टॉक में नए फीचर जोड़े गए हैं। अब जो टिक टॉक यूजर होगा, उसकी अपलोड वीडियो पर कितने लाइक आते हैं, उस हिसाब से उसको प्रति माह पैसा भी भेजा जाएगा। सोमेश का कहना है कि इसके अलावा हर 15 दिन में नए फीचर इसमें जोड़े जाएंगे। उनका टारगेट है कि उनके यूजर्स की संख्या चाइनीज टिक टॉक से अधिक हो।