जालंधर की रूशाली कलेर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 492 रैंक हासिल कर परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। रूशाली कलेर ने कहा कि जब आईएएस बनने का सपना देखा था तब चीजें आसान नहीं थी। उन्होंने पिछले साल यूपीएससी की परीक्षा दी थी लेकिन प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सकीं थीं। इसके बाद उन्होंने फिर से दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी की।
रुशाली बताती हैं कि चंडीगढ़ से ग्रेजुएशन करने के बाद वह घर आ गईं और पिछले दो सालों से तैयारी में जुटी थीं। मैं बचपन से ही मां को देखकर बड़ी हुई हूं और उन्हीं की तरह बनना चाहती थी लेकिन मां अपनी ड्यूटी पर रहती थीं तो पिता हर समय उनके साथ खड़े रहते थे। रूशाली ने कहा कि वह कभी कोचिंग नहीं गईं और घर पर ही सेल्फ स्टडी कर यह मुकाम हासिल किया। ऑप्शनल में पॉलिटिकल साइंस की तैयारी के लिए ऑनलाइन पढ़ाई जरूर की है।
शुरुआत में पढ़ाई 16 घंटे तक करती थी और पेपर के समय 10-12 घंटे पढ़ाई। घर में मां और बुआ दोनों आईएएस हैं लेकिन ड्यूटी पर रहती थीं जब भी कोई चीज समझ में नहीं आती थी तो फोन पर बात कर लेती थी। जब साक्षात्कार की बारी आई तो आईएएस मां बबीता कलेर ने उन्हें पर्सनलिटी टेस्ट के लिए तैयार किया।
रुशाली के पिता स्टीफन कलेर उद्योगपति और राजनेता हैं। स्टीफन कलेर और मां बबीता कलेर ने कहा कि हर परिस्थिति में अभिभावक बच्चों का साथ देते हैं लेकिन कर्म तो वही करते हैं। बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर उन्हें गौरवान्वित कर दिया है।