साइकिल पर कैमरा लगाया, आर्मी एरिया में घूमा और वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड कर दिया। मामले को लेकर सेना के अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।
यह घटना पंजाब में जालंधर सैन्य क्षेत्र की है। उस व्यक्ति ने यह वीडियो यू-ट्यूब पर भी अपलोड कर दिया। भारतीय सेना की एक विशेष विंग ने यह वीडियो देख इसकी सूचना आला अफसरों को दी। वीडियो देखकर सैन्य अफसर भी सकते में आ गए। इसमें विभिन्न सैन्य यूनिटों, कोर कार्यालयों, मैस, सैन्य कैंटीनों समेत अन्य अति संवेदनशील इलाकों को कैद किया हुआ था।
सेना ने पहले तो तुरंत यू-ट्यूब से वीडियो हटवाया और फिर इसे डालने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद सेना ने उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। उधर, सेना की ओर से व्यक्ति की सोशल मीडिया सक्रियता और उसके संपर्कों को गहनता से खंगाला जा रहा है। आरोपी पंजाब का ही बताया जा रहा है।
अंबाला में पकड़े गए थे दो पाकिस्तानी जासूस
उत्तर भारत की तमाम सैन्य छावनियां बेहद संवदेनशील हैं। सेना इस वीडियो के बाद और सतर्क हो गई है। दरअसल, सैन्य क्षेत्रों के ऐसे वीडियो और फोटोग्राफी पर दुश्मन देशों की पैनी नजर रहती है। उत्तर भारत के सबसे बड़े आर्मी बेस कैंप अंबाला कैंटोनमेंट एरिया में भी जासूसी के प्रयास हो चुके हैं। यहां आर्मी और एयरफोर्स की जासूसी के आरोप में कई संदिग्ध पकड़े गए। इनमें दो पाकिस्तानी जासूस भी शामिल थे।
वीडियो में सैन्य इलाकों की पहचान भी बताई
भारतीय सेना
सैन्य सूत्रों के अनुसार विगत दिनों जालंधर कैंट में एक व्यक्ति ने साइकिल पर कैमेरा लगाकर जालंधर कैंटोनमेंट एरिया का भ्रमण किया। वीडियो में उस व्यक्ति ने विभिन्न सैन्य यूनिटों, कोर कार्यालयों, मैस, सैन्य कैंटीनों समेत अन्य संवेदनशील व अति संवेदनशील इलाकों को कैद किया। संबंधित इलाका कौन सा है? वीडियो में ये बताने के लिए व्यक्ति ने वीडियो के साथ-साथ कैमेंटरी भी की। उसके बाद उसने यह वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड कर दिया।
अति संवेदनशील है उतर भारत की छावनियां
उतर भारत की तमाम सैन्य छावनियां बेहद संवदेनशील है। इसलिए सेना इस वीडियो कांड के बाद और सतर्कहो गई है। दरअसल, सैन्य क्षेत्रों के ऐसे वीडियो और फोटोग्राफी पर दुश्मन देशों की पैनी नजर रहती है। उतर भारत की इन छावनियों की कई बार जासूसी की कोशिशें भी हो चुकी है और कई संदिग्धों को सेना काबू भी कर चुकी है। उतर भारत के सबसे बड़े आर्मी बेस कैंप अंबाला कैंटोनमेंट एरिया में भी जासूसी के प्रयास हो चुके हैं। यहां आर्मी और एयरफोर्स की जासूसी के आरोप में कई संदिग्ध पकड़े गए। जिसमें दो पाकिस्तानी जासूस भी शामिल है।