पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह हत्याकांड में बुड़ैल जेल में चल रहे ट्रायल के दौरान जगतार सिंह तारा ने एक बार फिर से बेअंत सिंह की हत्या करवाने की बात कबूल की है। साथ ही कहा कि ऐसा करने के लिए उसे कोई अफसोस नहीं है। वहीं तारा ने अदालत में छह पेज का कबूलनामा भी सौंपा। तारा के शेष बयान अगली सुनवाई 7 फरवरी को होंगे।
वीरवार को तारा की सीआरपीसी की धारा 313 के तहत शेष बयान दर्ज किए गए। इससे पहले हुए बयान में भी उसने पूर्व सीएम की हत्या करवाने की बात कबूली थी। वीरवार को तारा ने एक बार फिर वारदात को कबूला साथ ही इस हत्याकांड के पीछे के औचित्य और तर्क भी बताए।
तारा के वकील के अनुसार उसने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली है। साथ ही उसने अदालत को जो छह पेज का पत्र सौंपा है, उसमें कहा है कि इस कदम से पहले उसने सिख इतिहास और परंपरा से प्रेरणा ली थी। इसमें यह भी कहा गया है कि सिख इतिहास ने उन्हें सिखाया कि वह अन्याय नहीं सहे और उस समय परिस्थितियां असहिष्णु थी, जब बड़े पैमाने पर निर्दोष युवा मारे गए थे। सत्ता में आने के बाद बेअंत सिंह ने अपराधियों को दंडित नहीं किया था। पत्र में कहा है कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के बाद बेअंत सिंह ने इन अधिकारियों को पदोन्नति देकर राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए उनके नाम का उल्लेख करते हुए पुरस्कृत किया था।