जाटों के आरक्षण के लिए शुक्रवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से विचार-विमर्श के लिए एक शिष्टमंडल मिलेगा। केंद्रीय ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उच्च स्तर पर यह बात रखी जाएगी और उन्हें यकीन है कि न्याय मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री यहां हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जाटों के आरक्षण की बहाली किस रूप में हो, इसके लिए समीक्षा, पुनरीक्षण या उच्चतम न्यायालय की बडे़ से बड़ी बेंच के पास जाने का रास्ता देखा जाएगा।
गुर्जर, यादव और जाट समुदाय के लोगों में कोई अंतर नहीं है क्योंकि इनका खाना-पीना, सामाजिक पृष्ठ भूमि एक सी है और सदियों से शोषण के शिकार रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी बात उच्च स्तर पर रखेंगें।
हरियाणा और पंजाब के मुद्दों को सुलझाने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह समय सबसे उपयुक्त समय है जिसमें हरियाणा और पंजाब के मुद़्दों को सुलझाया जा सकता है चाहे उसमें पानी का मुद्दा हो।
उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, हरियाणा में भी भाजपा की सरकार और पंजाब में भाजपा का समर्थन चल रहा है और यह उपयुक्त समय है जिसमें दोनों राज्यों की अड़चनों को सुलझाया जा सकता है तथा इसमें दोनों राज्यों की भलाई होगी। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ भी उपस्थित थे।