देश के फौजियों की लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग मोदी सरकार जल्द पूरी करने जा रही है। सरकार ने वन रैंक वन पेंशन देने का मन बना लिया है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा अपने अभिभाषण में इस मुद्दे का जिक्र आने के बाद यहां केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी वन रैंक वन पेंशन देने की हामी भर दी है।
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सरकार पिछले करीब पांच माह से इस बात का अध्ययन कर रही है कि फैसला लागू करने के बाद कितना खर्च पड़ेगा। सरकार ने अपना मन बना लिया है। हमने अभी तक के होम वर्क के आधार पर वित्त विभाग के पास फाइल भिजवा दी है। वित्त विभाग इसमें क्या कुछ कटौती करेगा यह कहना संभव नहीं है।
मेरा अपना अनुमान है कि सालाना साढ़े सात से साढ़े दस हजार करोड़ का बोझ केंद्र सरकार पर यह फैसला लागू करने से आएगा। सरकार इस निर्णय को अप्रैल 2014 से लागू करेगी। मई 2015 तक वित्त विभाग का फैसला आते ही हम ऐलान कर देंगे।
सेना में अधिकारियों की कमी संबंधी सवाल पर राव ने स्वीकार किया कि सेना में 7500 अधिकारियों की कमी है। उन्होंने साफ किया है कि पहले एक प्रांत में एक सैनिक स्कूल होता था। हम सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ा रहे हैं।