जेएंडके पुलिस और सीआरपी के जवानों ने बालटाल में फंसे करीब दो हजार श्रद्धालुओं को शनिवार रात को श्रीनगर तक छोड़ने के लिए सुरक्षा देने से इंकार कर दिया है। अमरनाथ यात्रा के दौरान शिव भक्तों को काफी परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं। जहां स्थानीय लोगों की ओर से उन्हें लूटा जा रहा है, वहीं श्रीनगर से बालटाल के रास्ते काफी संघर्ष कर रात के समय बारिश में यात्रा करनी पड़ रही है।
उधर, जेएंडके पुलिस और सीआरपी के जवानों ने बालटाल में फंसे करीब दो हजार श्रद्धालुओं को शनिवार रात को श्रीनगर तक छोड़ने के लिए सुरक्षा देने से इंकार कर दिया है। जेएंडके पुलिस का कहना है कि इतने कम श्रद्धालुओं के लिए पुलिस फोर्स या मिलिट्री सुरक्षा नहीं लगाई जा सकती।
कर्फ्यू जैसे बने हुए हैं हालात
अमरनाथ यात्रा
- फोटो : Amar Ujala
इनको अभी बालटाल में ही और श्रद्धालुओं के आने का इंतजार करना होगा। पुलिस के अनुसार जब करीब आठ से दस हजार श्रद्धालु हो जाएंगे तब एक साथ सभी को सुरक्षित श्रीनगर तक छोड़ने का प्रबंध किया जाएगा। दिन में अभी कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं।
बालटाल में शिविर लगाकर बैठे ओम शिव शक्ति सेवा मंडल दिल्ली चीका के अध्यक्ष डॉ. विजय सिंगला, लैब टेक्नीशियन जगसीर सिंह, सुरिंदर झबेलवाली और संजय कुमार ने बताया कि बालटाल में इस समय पंजाब समेत अन्य राज्यों के करीब दो हजार श्रद्धालु लौटने के इंतजार में हैं।
कम श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा देने से इंकार
बाबा बर्फानी
- फोटो : Amar Ujala
शुक्रवार रात जहां बालटाल में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल दिया गया था, वहीं इन यात्रियों के जाने के बाद रात को आए यह श्रद्धालु बालटाल में ही घरों को लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इसका कारण है कि जेएंडके पुलिस की ओर से इतने कम श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा देने से इंकार किया गया है।
डॉ. सिंगला के अनुसार शनिवार रात को काफी बारिश हुई है। आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए रात के समय यात्रा करना मुश्किल है। मगर शिव भक्तों को तनाव के माहौल में मजबूरन रात के समय यात्रा करनी पड़ रही है।