डॉ. सिंह ने सदन में मौजूद सभी विधायकों से कहा कि वह अपने हलकों में जन-औषधि केंद्र खुलवाएं, जिसके लिए रोगी कल्याण समितियों और रेडक्रॉस से मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में 25 जनऔषधि केंद्र चल रहे हैं और 16 अन्य की मंजूरी दे दी गई है। पंजाब में व्यवसाय कर रहीं कंपनियां अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए आगे आएं और अपने उद्योग स्थल के आसपास के 8-10 गांव के लिए आरओ लगाकर लोगों को साफ पेयजल मुहैया कराएं।
राज्य सरकार कुछ सेवाओं को आउटसोर्स करेगी लेकिन किसी प्राइवेट कंपनी को मेडिकल टेस्ट संबंधी कोई ठेका नहीं दिया जाएगा। सरकार अस्पतालों में दवाएं और टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराने की ओर बढ़ रही है और जल्दी ही इसके परिणाम सामने आएंगे।
इससे पहले, प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों ने एक स्वर में साधारण दवाओं पर जनता से लूट का आलोचना करते हुए केंद्रीय कानून की आवश्यकता पर जोर दिया। कुछ सदस्यों ने अपने हलकों में महंगी दवाओं की बिक्री का उल्लेख भी किया।