हरियाणा और पंजाब में गिरते जलस्तर की समस्या के चलते धरती की प्यास को अब इस्रराइली तकनीक से सीवरेज के ट्रीटेड पानी से बुझाया जाएगा। इस्रराइली दूतावास से सीआईआई एग्रो टेक 2016 में विशेष बातचीत के दौरान यह जानकारी दी गई।
सेक्टर-17 में आयोजित चार दिवसीय सीआईआई एग्रोटेक 2016 के दौरान कृषि के नवीन आयाम और उन्नत तकनीकों को लेकर विभिन्न तरह के आयोजनों के बीच ही इस्रराइली दूतावास की ओर से काउंटर रखा गया था। इस काउंटर के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई।
इस दौरान इस्रराइल एंबेसी के इस्रराइल बिजनेस प्रमोशन सेंटर के सीनियर कंसल्टेंट ने बताया कि भारत सरकार और इस्रराइल दोनों इस समय सीवरेज वाटर को ट्रीट कर इसे खेती में सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की इस्रराइली तकनीक को भारत में इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस्रराइल में कुल सीवरेज वाटर का 85 प्रतिशत हिस्सा सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि भारत में अभी इस दिशा में कोई बड़े स्तर पर काम नहीं किया गया है।