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Ismailabad News: निशा कानो ने 10 दिन में ही छोड़ी जजपा, अब थामा भाजपा का दामन, पति बोले- घरवाले नाराज थे

Sun, 07 May 2023 08:38 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, इस्माईलाबाद (हरियाणा)

सार

आरोप है कि निशा कानो वांगा द्वारा बनवाया गया वोटर कार्ड नियमों के अनुसार नहीं था। इसका मामला एसडीएम कार्यालय में विचाराधीन है। भारतीय नागरिकता कानून 1955 के अनुसार कोई भी ओसीआई कार्ड जारी होने के पांच वर्ष उपरांत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है। जबकि उन्होंने इसके मात्र तीन साल के बाद ही बनवा लिया था।
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निशा कानो वांगा ने थामा भाजपा का दामन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी छोड़कर महज 10 दिन पहले ही जजपा में शामिल होने वाली इस्माईलाबाद नगर पालिका चेयरपर्सन निशा कानो वांगा ने रविवार को जजपा को भी अलविदा कह दिया। उन्होंने अपने पति पुनीत गर्ग और समर्थकों के साथ रविवार को एक सादे समारोह में भाजपा का कमल थामा। राज्यमंत्री संदीप सिंह ने पटका पहनाकर विधिवत रूप से पार्टी में शामिल किया। 10 दिन में ही इस तरह दल बदल करना चर्चा का विषय बना है।

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बता दें कि शहर में पहली बार हुए नगरपालिका चुनाव में निशा कानो वांगा आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न से जीतकर नगरपालिका चेयरपर्सन बनी थीं। निशा कानो वांगा को आम आदमी पार्टी की प्रदेश से एकमात्र चेयरपर्सन होने का सम्मान भी मिला था। 10 दिन पहले 28 अप्रैल को ही वे आम आदमी पार्टी को अलविदा कहकर उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अध्यक्षता में जजपा में शामिल हो गई थीं लेकिन अब उन्होंने भाजपा में शामिल होकर सबको चौंका दिया है। 

उनके पति पुनीत गर्ग ने बताया कि उनका परिवार वर्षो से भाजपा का समर्थक रहा है। उनके जजपा में जाने से परिवार के लोगों की नाराजगी बढ़ गई थी। इसके चलते उन्होंने राज्यमंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। वहीं भाजपा और जजपा आपस में जुडे होने के कारण वे जजपा नेताओं के संपर्क में आने से जजपा में शामिल हो गए थे लेकिन इससे परिवार के लगभग सभी सदस्य नाराज थे। उनकी और उनके परिवार की शुरू से ही भाजपा में आस्था रही है। यही वजह है कि उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। 
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वोटर कार्ड का मामला एसडीएम कार्यालय में विचाराधीन
उधर, आरोप है कि निशा कानो वांगा द्वारा बनवाया गया वोटर कार्ड नियमों के अनुसार नहीं था। इसका मामला एसडीएम कार्यालय में विचाराधीन है। भारतीय नागरिकता कानून 1955 के अनुसार कोई भी ओसीआई कार्ड जारी होने के पांच वर्ष उपरांत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है। जबकि उन्होंने इसके मात्र तीन साल के बाद ही बनवा लिया था। इसके अलावा भारतीय संविधान दोहरी नागरिकता को भी मान्यता नहीं देता है। एसडीएम कार्यालय ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था। निशा कानो वांगा को इससे संबंधित कागजात दिखाने हैं।
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