वैसाखी के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित एतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए गए श्रद्धालुओं के जत्थे के पीछे आईएसआई ने ब्रिटेन, अमेरिका व अन्य देशों में शरण लिए हुए खालिस्तानियों को लगा दिया। खालिस्तान समथर्कों ने जत्थे में शामिल कुछ श्रद्धालुओं का खालिस्तानी मूवमेंट में शामिल होने के लिए ब्रेन वॉश करने की कोशिश की। भारत सरकार के विरुद्ध भड़काया गया। गुरुद्वारा पंजा साहिब में सजे धार्मिक दीवान के अवसर पर खलिस्तान की घोषणा करने का प्रयास किया गया।
इस बात की जानकारी पाकिस्तान से दस दिन की धार्मिक यात्रा के बाद स्पेशल ट्रेन से अटारी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे जत्थे के एक सदस्य मनजोत सिंह (बदला हुआ नाम) ने दी। उन्होंने बताया कि इस बार पाकिस्तान ने यात्रियों का अभूतपूर्व स्वागत किया। लेकिन साथ ही आईएसआई ने खालिस्तानी गतिविधियों को शह देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा कमेटी के महासचिव गोपाल सिंह चावला के नेतृत्व में खालिस्तानी सिखों ने भारत के खिलाफ जहर उगला था। गोपाल चावला ने एक बार फिर भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को पंजाब को हिंदुस्तान के बाकी हिस्सों अलग करने के मूवमेंट शुरू करने के लिए उकसाया। इस अवसर पर पीएसजीपीसी, अकाफ बोर्ड, आईएसआई व पाकिस्तान सरकार के कई अधिकारी इस धार्मिक मंच पर मौजूद थे। इसके विपरीत, पाकिस्तान सरकार ने संभवत: अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना से बचने के लिए, अमेरिका के खालिस्तानी विचारक गुरुपतवंत सिंह पन्नू पर गुरुद्वारा पंजा साहिब से रेफरेंडम- 2020 का पंजीकरण शुरू करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।