फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: कांग्रेस के पांच प्रत्याशी घोषित, सोनीपत से हुड्डा तो हिसार से भव्य बिश्नोई को टिकट

Sun, 21 Apr 2019 11:00 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कांग्रेस
विज्ञापन
हरियाणा में कांग्रेस ने लंबी जद्दोजदह के बाद बची हुई चार सीटों पर भी अपने महारथी चुनाव मैदान में उतार दिए, जबकि फरीदाबाद सीट पर टिकट बदला है। सोनीपत सीट पर कांग्रेस ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनाव मैदान में उतारा है। खास बात यह है कि हुड्डा के सांसद बेटे रोहतक सीट से चुनाव मैदान में हैं।
विज्ञापन


फरीदाबाद सीट से प्रत्याशी विधायक ललित नगर का टिकट काट दिया गया है। यहां से अब पूर्व सांसद अवतार भड़ाना उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। भड़ाना हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह फरीदाबाद से ही कांग्रेस सांसद रहे हैं। कांग्रेस ने हिसार से भजन लाल के पोते भव्य बिश्नोई को मैदान में उतारा है, जबकि करनाल से पूर्व स्पीकर एवं विधायक कुलदीप शर्मा ताल ठोकेंगे।

कुरुक्षेत्र से पूर्व विधायक निर्मल सिंह उम्मीदवार बनाए गए हैं। भव्य बिश्नोई के चुनावी दंगल में कूदने से हिसार सीट अब और हॉट हो गई है। यहां मुकाबला ताऊ देवीलाल की चौथी पीढ़ी के सांसद दुष्यंत चौटाला, पूर्व सीएम भजनलाल की तीसरी पीढ़ी के भव्य बिश्नोई और केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह के बीच होगा।
विज्ञापन


विधायक कुलदीप बिश्नोई आखिरकार बेटे भव्य के लिए टिकट हासिल करने में सफल हो ही गए। पार्टी चाहती थी कि कुलदीप चुनाव लड़ें, लेकिन वह बेटे भव्य को ही टिकट देने पर अड़े रहे। हिसार से कुलदीप बिश्नोई खुद सांसद रह चुके हैं। करनाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने विधायक कुलदीप शर्मा को उतारा है।

कुलदीप के पिता चिरंजी लाल शर्मा कद्दावर नेता और करनाल के पूर्व सांसद रहे। उनके हाथों केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को भी मात खानी पड़ी थी। कुलदीप शर्मा भी अपने बेटे चाणक्य शर्मा के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने उनको ही मैदान में उतारने का फैसला लिया है। सोनीपत चुनावी जंग बेहद रोचक होगी।

यहां से कांग्रेस ने हरियाणा के अपने सबसे कद्दावर नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनावी रण फतह करने के लिए उतारा है। हुड्डा ने पहले ही साफ किया था कि पार्टी हाईकमान कहेगा तो वह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। छह सीटों पर पार्टी ने 13 अप्रैल को ही उम्मीदवार घोषित कर दिए थे, लेकिन हिसार, करनाल, कुरुक्षेत्र व सोनीपत सीट पर पेच फंस गया था, जिसे निकालने में हाईकमान को दस दिन का समय लग गया।

 
विज्ञापन

जिंदल ने छोड़ा कुरु का क्षेत्र

उद्योगपति नवीन जिंदल कुरुक्षेत्र से दो बार 2004 व 2009 में सांसद रहे हैं। 2014 में वह भाजपा के राजकुमार सैनी से हार गए थे। इस बार भी उन्हें टिकट की दौड़ में माना जा रहा था, लेकिन बीते दिनों अचानक बदले घटनाक्रम के चलते उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। उन्हें कुरुक्षेत्र से मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था।

तो हुड्डा अब फिर केंद्र की राजनीति में
दो बार हरियाणा के सीएम रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस ने एक बार फिर लोकसभा के रण में आजमाने का निर्णय लिया है। हुड्डा इससे पहले रोहतक से सांसद रहे हैं और उन्होंने ताऊ देवीलाल को भी हराया था। हुड्डा 2004 में प्रदेश की राजनीति में आ गए और बेटे को केंद्र की राजनीति में भेजा। प्रदेश में अक्तूबर 2019 में ही विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में सवाल यह उठता है कि हुड्डा अगर सांसद बनते हैं तो क्या उन्हें प्रदेश की राजनीति में फिर से उतारा जाएगा या नए चेहरे के हाथ प्रदेश की कमान विधानसभा चुनाव में होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें