अमृतसर के गांव अदलीवाल के निरंकारी भवन में ग्रेनेड फेंककर तीन लोगों की हत्या करने के आरोपी बिक्रम सिंह को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। तहसील अजनाला की राधिका पुरी की अदालत में गुरुवार दोपहर को बिक्रम सिंह को पेश किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश हुआ बिक्रम सिंह सुनवाई के दौरान खामोश रहा।
बिक्रम के वकील रंजीत सिंह छीना ने बताया कि सरकारी वकील ने कितने दिन का रिमांड मांगा था, इसकी जानकारी अदालत ने नहीं दी। सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि बिक्रम सिंह के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध हैं। बिक्रम कब आईएसआई के संपर्क में आया, उसके साथ कौन-कौन शामिल हैं, हैंड ग्रेनेड की सप्लाई कहां से हुई, इस सब की जानकारी बिक्रम से लेनी है।
दूसरे आरोपी को अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है। सरकारी वकील ने दावा किया कि बिक्रम सिंह ने पुलिस की पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इन जानकारियों की जांच की जानी है। जब बिक्रम के वकील ने पूछा कि उसने पुलिस को जो जानकारी दी है, वह अदालत को बताई जाए। पुलिस ने अदालत को कोई भी जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा कि जब तक दूसरा आरोपी अवतार सिंह अरेस्ट नहीं होता, तब तक ऐसा करना संभव नहीं है।
छीना ने कहा कि उन्होंने जज से आग्रह किया कि सरकारी वकील की उस अपील के बारे में बताया जाए, जिसके आधार पर रिमांड मांगा जा रहा है। छीना ने अदालत से यह भी पूछा कि पुलिस बताए कि बिक्रम से क्या-क्या बरामद किया जाना है। छीना ने अदालत से बिक्रम की एफआईआर उपलब्ध करवाने की मांग भी की। छीना ने कहा कि पुलिस ने बिक्रम की एफआईआर को अभी तक नेट में भी नहीं डाला। अब बिक्रम को 26 नवंबर में अदालत में पेश किया जाएगा।
डॉक्टरों की टीम ने किया मेडिकल टेस्ट
बिक्रम सिंह को अदालत में पेश करने से पहले पुलिस ने अजनाला अदालत की तरफ जाने सभी रास्ते पर कड़ी सुरक्षा की हुई थी। अदालत में जाने वाले वकीलों की भी कड़ी जांच की गई। अदालत में पेश करने के बाद बिक्रम को अजनाला के सिविल अस्पताल में ले जाया गया। डॉक्टरों की एक टीम ने बिक्रम का मेडिकल टेस्ट किया। अदालत के बाहर आते ही पुलिस ने उसका मुंह ढक दिया था।