लोगों का इलाज करता था, लेकिन इस बार जान बचाने की बजाय उसने तीन लोगों के साथ 'खूनी खेल' खेल दिया। राजासांसी के गांव अदलीवाल के निरंकारी भवन में ब्लास्ट कर 3 लोगों की जान लेने व 15 लोगों को घायल करने का मुख्य आरोपी अवतार सिंह कस्बा लोपोके के गावं चकमिश्री का रहने वाला है।
गांव के बीचो बीच एक घर में अपने मां, पिता गुरदयाल सिंह, पत्नी व दो बेटियों के साथ रह रहा अवतार सिंह आरएमपी डाक्टर की दुकान करता है। बीते तीन साल से डॉक्टर की दुकान चलाकर गुजारा कर रहा था। अवतार सिंह कब आईएसआई के संपर्क में कैसे आया, इस बारे में निरंकारी भवन में आसपड़ोस के लोग तो मुंह नहीं खोल रहे हैं।
लेकिन बताते हैं की रविवार को पुलिस ने उनके घर में देर रात छापेमारी की थी। उस समय घर में अवतार सिंह अपनी पत्नी वह बेटियों का लेकर पहले घर छोड़ गया था। पुलिस ने उसके पिता गुरदयाल सिंह को हिरासत में लिया था और घंटों पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। गुरदयाल सिंह धर्मी फौजी है और गांव में किराना की दुकान चलाता है। परिवार के पास 5 एकड़ जमीन है।
घर का चप्पा-चप्पा खंगाला जा चुका है
घर में बिखरे सामान से पता चलता है सुरक्षा एजेंसियों व पंजाब पुलिस ने अवतार सिंह के घर का चप्पा-चप्पा खंगाल रखा है। घर में रखे बेड के गद्दे नीचे पड़े थे। अलमारियों का सामान बिखरा हुआ था। पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने बताया की अवतार सिंह निरंकारी भवन में ग्रेनेड फेंकने की घटना में शामिल है, इसका उन्हें आभास तक नहीं था।
रविवार को रात जब पुलिस ने उनके घर में रेड की तब उन्हें इसका पता चला। अवतार सिंह के घर के बाहर तो सीसीटीवी कमरे भी लगे हैं। पुलिस ने घर में बनाये कंट्रोल रूम से इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है। अवतार का एक भाई ऑस्ट्रेलिया में रहता है। पुलिस ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले उसके भाई का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
दवाई देने वाला अवतार, निकला गुनाहगार
अवतार सिंह गांव के लोगों का बीते तीन साल से इलाज कर रहा था। गांव के लोगों को जीवन देने वाला अवतार सिंह आतंकी घटना को अंजाम देकर निर्दोष लोगों की हत्या में शामिल था, इस बात को सुनकर गांव वासी स्तब्ध है। पड़ोसियों ने बताया की अवतार सिंह गांव में होने वाले हर धार्मिक समागम में भाग लेता था। उसकी पत्नी भी धार्मिक विचारों की है। अवतार सिंह का परिवार कहां फरार हो गया, इसके बारे में गांववासियों को कोई जानकारी नहीं है।