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भूलकर भी न करें कोर्ट रूम में फोटो खींचने की गलती, वरना इन अफसर की तरह पछताएंगे

Sat, 17 Nov 2018 02:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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मोबाइल यूज - फोटो : SELF
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किसी भी केस के लिए कोर्ट रूम में जाएं, तो भूलकर भी वहां फोटो खींचने की गलती न कर देना। वरना इस अफसर की तरह खामियाजा भुगतेंगे। दरअसल, एक याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब के सिंचाई सचिव को कोर्ट रूम में फोटो खींचना भारी पड़ गया। सुनवाई के  दौरान फोटो खींचते सचिव को कोर्ट के स्टाफ ने देख लिया था और इसके बारे में जस्टिस अमित रावल को सूचित किया। इस पर जस्टिस रावत ने फोन सीज करने के आदेश देते हुए कृषि सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय के आदेश की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।
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मामला नयागांव में सुविधाओं के अभाव टूटी सड़कें, सड़कों पर अतिक्रमण व पटियाला की राव में गंदगी से जुड़ा है। इस याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सिंचाई सचिव तथा स्थानीय निकाय के सचिव को तलब किया था। कोर्ट के आदेश के अनुरूप दोनों कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट को बताया गया कि नया गांव की चार मुख्य सड़कों की पहचान की गई है और इन्हें दुरुस्त करने का काम 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, कचरे के निपटारे के बारे में बताया गया कि मोहाली में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाया जा रहा है जो करीब एक साल में बनकर तैयार हो जाएगा।

यह प्रतिदिन करीब 500 मीट्रिक टन कचरे का निपटारा करने में सक्षम होगा। वहीं पटियाला की राव में अवैध निर्माणों को गिराने पर लगी रोक हटाने के लिए पंजाब सरकार ने अब तक क्या किया है यह जानकारी हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर सौंपने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पंजाब के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे अपने कार्यालय से बाहर निकल कर लोगों की समस्याओं को भी देखें। जिस समय कोर्ट अधिकारियों को फटकार रही थी उसी समय सिंचाई सचिव को कोर्ट में फोटो खींचते पाया गया। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए उन्हों नोटिस जारी किया तथा उनका फोन जब्त कर लिया।
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इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से पेश हो रही वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया तथा सचिव ने माफी मांगी तब जाबर नोटिस वापस लिया गया और फोन वापस दिया। कोर्ट ने कहा कि एक आईएएस स्तर के अधिकारी से इस तरह के बर्ताव की उम्मीद नहीं की जाती है।
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