चंडीगढ़ में छीना-झपटी समेत लूटपाट, मारपीट और अन्य प्रकार की वारदातों में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन बीट के पुलिसकर्मी इन वारदातों की रोकथाम में नाकाम हैं। दरअसल, शहर के 16 पुलिस थानों में आईआरबी फोर्स के करीब 450 जवानों सेवाएं देते रहे हैं। आईआरबी फोर्स की छह कंपनियों को लोकसभा चुनाव की ड्यूटी के लिए विभिन्न राज्यों में भेज दिया गया है।
इन छह कंपनियों में आईआरबी फोर्स के करीब 370 जवान अन्य राज्यों में ड्यूटी दे रहे हैं। इससे शहर के पुलिस थानों के कामकाज पर असर पड़ा है। अब यूटी पुलिस के समक्ष प्रभावित हुए कामकाज की समस्या से पार पाने की चुनौती है। यूटी पुलिस के पीआरओ, डीएसपी चरणजीत सिंह ने बताया कि थानों में मेन पावर कम हो गई है।
उन्होंने बताया कि बीट के पुलिसकर्मी रैली ड्यूटी, सदर ड्यूटी और जुलूस सहित अन्य प्रकार की ड्यूटी में व्यस्त हैं। बीट के पुलिसकर्मी इन दिनों बीट पुलिसिंग से दूर हैं। यही कारण है कि सेक्टरों समेत अन्य इलाकों और मुख्य सड़कों पर भी छीना झपटी समेत अन्य प्रकार की वारदातें हो रही हैं।
अपराधियों ने साइकिल के इस्तेमाल पर लगवाई रोक
यूटी पुलिस विभाग ने बीते वर्षों सेक्टरों में प्रभावी तरीके से पेट्रोलिंग ड्यूटी के लिए साइकिलें खरीदी थी। इन साइकिलों को बीट के पुलिसकर्मियों को दिया गया था। ताकि वे साइकिल से न सिर्फ पेट्रोलिंग ड्यूटी कर सकें बल्कि बुजुर्गों से उनके आवास पर जाकर मिल सकें और अन्य प्रकार की ड्यूटी कर सकें।
पुलिस विभाग के पीआरओ, डीएसपी चरणजीत सिंह ने बताया कि क्रिमिनल अब हाइटेक हैं। उन्हें साइकिलों से पकड़ना नामुमकिन हैं। इसी वजह से बीट के पुलिसकर्मियों से साइकिलें वापिस ले ली गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावी तरीके से पेट्रोलिंग के लिए पुलिसकर्मियों को एक्टिवा स्कूटर और मोटरसाइकिलें दी गई हैं। पुलिस विभाग ने रोजाना एंटी स्नैचिंग नाकेबंदी करने का दावा किया है।
ई-बीट सिस्टम पर टिकी है प्रभावी पुलिसिंग की उम्मीद
1. पुलिस विभाग के मुताबिक कार्यप्रणाली में जल्द ही ई-बीट सिस्टम की शुरूआत की जाएगी। इसके अंतर्गत पुलिसकर्मियों को उपलब्ध करवाई जाने वाली ई-बुक एप में बीट का दायरा, जनसंख्या, एरिया के क्रिमिनल, सीनियर सिटीजन का रिकॉर्ड और अन्य प्रकार की जानकारियां होंगी।
2. ई-बीट सिस्टम की शुरुआत के लिए योग्य पुलिस ऑफिशियल्स को शॉर्ट लिस्ट किया गया है।
3. डीजीपी यूटी भी बीट सिस्टम को प्रभावी बनाने के मकसद से पुलिस ऑफिशियल्स से संवाद कर रहे हैं।
4. ई-बीट एप के प्रभावी तरीके से इस्तेमाल के लिए पुलिसकर्मी स्पेशल कोर्स भी अटेंड कर रहे हैं।
5. हर बीट के लिए स्थायी पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
6. नए भर्ती 520 कांस्टेबलों के फोर्स में शामिल होने पर बीट स्टाफ में पुलिसकर्मियों की कमी को पूरा कर दिया जाएगा।