इराक में सक्रिय आईएसआईएस के आतंकवादी बंधक बनाए भारतीय मजदूरों पर सुन्नियों को समर्थन का दबाव बनाने के लिए तरह-तरह की यातनाएं दे रहे हैं। इन बंधकों में पंजाब से इराक गए युवक भी शामिल हैं।
आतंकवादी बंधकों से कभी तो अरबी शब्दों का अर्थ पूछते हैं और सही जवाब नहीं मिलने पर उन पर गोली चला देते हैं तो कभी उन्हें पानी लाने के लिए मीलों दूर तपती रेत पर चलने को मजबूर करते हैं।
नवांशहर के एक युवक को आतंकियों ने सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि वह अरबी शब्द का सही अर्थ नहीं बता सका। युवक गोली लगने से घायल हो गया।
सूंघकर देखते हैं कि शराब पी या नहीं
बगदाद से 70 किलोमीटर दूर दूजेल में फंसे कुछ पंजाबियों ने फोन पर बताया कि आतंकियों ने उनके साथ खूनी खेल खेलना शुरू कर दिया है। आतंकी उनसे नहलाने, जूते-कपड़े धोने जैसे अपमानजनक काम करवा रहे हैं।
आतंकियों ने इन भारतीयों को मोसुल पर कब्जा जमाने के बाद बगदाद की ओर बढ़ते हुए दुजेल में अगवा कर लिया था। अगवा किए भारतीयों की सांस सूंघकर आतंकियों ने यह भी पता लगाया कि किसी ने शराब तो नहीं पी। उस समय किसी भारतीय के नशे में नहीं होने के कारण सभी बच गए।
किसी कंस्ट्रक्शन साइट पर बंधक हैं युवक
एक अगवा युवक ने बताया कि आतंकियों उन सभी को बस में बैठाकर ले गए और फिर अपने ‘खेल’ में शामिल होने का सबको आदेश दिया।
युवक ने बताया कि खेल यह था कि जो नाकामयाब रहेगा उसे गोली मार देने से लेकर कई तरह की सजाएं दी जानी थीं। आतंकियों ने उनसे अरबी भाषा के शब्दों के अर्थ पूछे और सही जवाब नहीं देने पर सजाएं दीं।
युवक ने यह भी बताया कि हम सभी भारतीय किसी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर बंधक हैं जहां चारों ओर निर्माण सामग्री बिखरी हुई है। यहां रात के समय रोशनी भी नहीं की जाती।
युवक ने कहा कि वे जल्द से जल्द वहां से निकलना चाहते हैं लेकिन उनके पास कोई रास्ता नहीं है। सरकार ही उनकी मदद कर सकती है।