पूर्व आईपीएस अधिकारी इकबाल सिंह लालपुरा को केंद्र सरकार ने फिर से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया है। भारत सरकार ने इसकी अधिसूचना गैजेट में प्रकाशित की है। अब लालपुरा तीन साल तक इस पद पर रहेंगे। इससे पहले केंद्र ने उन्हे 2021 में इस पद की जिम्मेदारी थी।
भारत सरकार के द्वारा गैजेट में जारी की गई अधिसूचना में देश के पांच समुदायों को अल्पसंख्यक दिखाया है इनमें सिख, ईसाई, बौद्ध, मुस्लिम और पारसी को शामिल किया हैं। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर इन्हीं समुदाय के लोगों को वरीयता दी जाती है। 2021 में की तरह इस बार भी देश की आबादी के 2 प्रतिशत हिस्से सिख समुदाय से पंजाब के इकबाल सिंह लालपुरा को भारत सरकार ने अध्यक्ष नियुक्त किया है।
इकबाल सिंह लालपुरा पंजाब के रोपड़ (रूपनगर) के रहने वाले हैं। उन्होंने 1981 में अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरांवाला को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। लालपुरा उस समय इंस्पेक्टर पद पर तैनात थे। भिंडरांवाला की गिरफ्तारी के लिए बनाए गए पैनल में दो अन्य अधिकारियों में जरनैल सिंह चाहल और तत्कालीन एसडीएम बीएस भुल्लर शामिल थे।
ये उपलब्धियां रहीं नाम
इकबाल सिंह लालपुरा 1978 में निरंकारियों से हुए टकराव में भी जांच अधिकारी रहे हैं। आतंकवाद के दौर में बंदूक थामने वाले युवाओं को मुख्यधारा में लाने में भी लालपुरा ने बड़ी भूमिका निभाई। लालपुरा ने आईपीएस बनने तक का सफर एनजीओ रैंक से शुरू किया था।