किंग्स इलेवन पंजाब ने इसके लिए अभी से कमर कस ली है
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भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के कोलकाता शिफ्ट होने के बाद अब धर्मशाला में प्रस्तावित आईपीएल के तीनों मैच भी राजनीति की भेंट चढ़ गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से सुरक्षा की लिखित मंजूरी न मिलने के कारण ये मैच भी धर्मशाला से छिन गए हैं। एचपीसीए का दावा है कि आवेदन के बावजूद सरकार की ओर से सुरक्षा की मंजूरी नहीं दी गई। हालांकि, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आईपीएल मैचों को सुरक्षा देने का सार्वजनिक एलान कर चुके थे। अब सात, नौ और पंद्रह मई को प्रस्तावित ये मैच मोहाली में होंगे।
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि धर्मशाला में होने वाले आईपीएल मैचों की सुरक्षा के लिए 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री कार्यालय को एक पत्र भेजा था। प्रदेश सरकार की ओर से लिखित में सुरक्षा देने की मंजूरी न मिलने पर किंग्स इलेवन पंजाब प्रबंधन ने धर्मशाला में मैच नहीं करवाने का निर्णय लिया है। अब तीनों मैच उनके घरेलू मैदान मोहाली में ही करवाए जाएंगे।
किंग्स इलेवन पंजाब ने इसकी जानकारी आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला को दे दी है। एचपीसीए प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पहले प्रदेश सरकार ने टी-20 विश्वकप के दौरान भारत-पाक मैच को शिफ्ट करवाकर धर्मशाला ही नहीं पूरे प्रदेश की किरकिरी करवाई और अब उनके नकारात्मक रवैये से आईपीएल मैच भी छिन गए हैं।
संजय ने कहा कि आईपीएल मैचों पर सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट न करने से एक बार फिर वीरभद्र सरकार ने खेल विरोधी नीति को दर्शाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सिर्फ अखबारों में ही सुरक्षा मुहैया करवाने के बयान दिए जबकि लिखित तौर पर कोई गारंटी नहीं दी गई।
बता दें कि हाल ही में बीसीसीआई ने एचपीसीए को पत्र लिखकर बताया था कि किंग्स इलेवन पंजाब सात, नौ और 15 मई को धर्मशाला स्टेडियम में आईपीएल के तीन मैच करवाना चाहता है। संजय के अनुसार पत्र में किंग्स इलेवन पंजाब सुरक्षा को लेकर आश्वासन चाहता था ताकि कोई विवाद न हो।
कहां गए मनोरंजन शुल्क के 10 लाख
मुंबई इंडियंस Vs किंग्स XI पंजाब
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एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि किंग्स इलेवन पंजाब ने वीरभद्र सरकार को दस लाख रुपये मनोरंजन शुल्क के तौर में दिए। इसे मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराया गया। यह पैसा कहां खर्चा इसका सीएम को हिसाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम के बेटे के एनजीओ को मिलने वाली राशि का हिसाब-किताब क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि मनोरंजन शुल्क पर राज्य सरकार नए फैसले ले सकती है, लेकिन पूर्व में टैक्स संबंधित नियमों पर छेड़खानी नहीं की सकती।
सरकार का पक्ष
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सीएम ने की थी सुरक्षा देने की बात : सुधीर
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आईपीएल मैचों के लिए स्टेडियम के भीतर और बाहर पूरी सुरक्षा देने की बात कही थी। यहां तक कि मनोरंजन कर को भी माफ करने की बात कही थी। एचपीसीए की वजह से मैच छिने, यह ठीक नहीं है।
भारत-पाक मैच से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार से आईपीएल मैचों को लेकर लिखित में सुरक्षा की गारंटी मांगी थी। एक सप्ताह बाद भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। आईपीएल पर सरकार का रवैया नकारात्मक रहा।
-अनुराग ठाकुर, एचपीसीए अध्यक्ष