गर्मी शुरू होते ही प्रशासन ने शहरवासियों को बिजली का झटका दे दिया है। बिजली के रेट सीधे 17.78 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। अब आपके बिल 25 से एक रुपये चालीस पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ कर आएंगे। बढ़ी दरें 1 अप्रैल 2016 से ही लागू मानी जाएंगी। यानी अगला बिल ही बढ़कर आएगा।
बिजली विभाग ने 29 फरवरी को रेट बढ़ाने की पटीशन ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के सामने फाइल की थी। इसके बाद प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर 18 मार्च को चंडीगढ़ में सुनवाई की गई थी। इसमें भी लोगों ने रेट नहीं बढ़ाने की अपील जेईआरसी चेयरमैन से की। लेकिन इस बार जेईआरसी ने 17.78 प्रतिशत तक रेट बढ़ाने की इजाजत विभाग को दे दी।
हालांकि प्रशासन ने 15 से 32 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भेजा था। पिछले तीन सालों से बिजली के रेट नहीं बढ़ाए गए थे। घाटे के कारण बिजली विभाग हर साल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव जेईआरसी को भेजता रहा है।
विभाग 1127 करोड़ के घाटे में
विभाग अभी तक 1127 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा था। बढ़े रेट से प्रशासन को वर्ष 2016-17 में 78 करोड़ रुपये अधिक मिलेंगे। इसके बाद भी इस साल 255 करोड़ रुपये का घाटा होगा। घाटे को पाटने केलिए विभाग रेट बढ़ाने की अपील करता रहा है। लेकिन जेईआरसी रेट न बढ़ा कर तीन साल से उपभोक्ता केपक्ष में फैसला देता रहा है।