प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश को आकर्षित करने के मकसद से पंजाब राज्य इनवेस्टमेंट प्रमोशन ब्यूरो के गठन का फैसला किया है।
यह फैसला उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने ताईवान, मुंबई, दिल्ली आदि जगहों में विभिन्न उद्योगपतियों के साथ बैठकों के बाद लिया।
इस संबंधी प्रस्ताव तैयार कर लिया है और मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार निवेशकों को सभी तरह की मंजूरी और सहायता के लिए उद्योग प्रमोशन विभाग और उद्योग विभाग के अलावा अन्य संबंधित विभागों का काम भी ब्यूरो को सौंपा जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार निवेश के रास्ते में यदि कोई कानून या नियम व्यवधान डाल रहा है तो ब्यूरो की सिफारिश पर इसमें बदलाव करने का प्रावधान होगा।
ब्यूरो का चेयरमैन निवेश प्रमोशन विभाग का मंत्री होगा। इस समय यह विभाग डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के पास है।
उद्योग मंत्री को इसका उपाध्यक्ष बनाया जा रहा है। प्रमुख सचिव स्तर का अधिकारी इसका सीईओ होगा। इसके अलावा ब्यूरो में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने का विकल्प रखा जा रहा है।
ब्यूरो के खर्च का बंदोबस्त निवेश प्रमोशन विभाग के नान प्लान बजट में से किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार ब्यूरो को इन संबंधित विभागों के निवेश के क्षेत्र से संबंधित काम देने का अधिकार मुख्यमंत्री को देने का भी प्रावधान किया जा रहा है। जिससे बार बार यह मामला मंत्रिमंडल के पास ले जाने से निजात मिल जाएगी।
ब्यूरो के किसी ऐसे फैसले जो नियमों के अनुसार न हो या इस को दुरुस्त करना हो तो मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली एक कार्यकारी कमेटी का गठन होगा। यह कमेटी इसको ठीक करने के लिए ब्यूरो को सिफारिश करेगी।
सिंगल विंडो सिस्टम पर गंभीर सरकार
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पिछले दिनों उद्योगपतियों के साथ बैठक करने के दौरान डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने राज्य में उद्योगों को बड़ी रियायतें देने का वादा किया था। एक ही जगह से सभी तरह की क्लीयरेंस देने की घोषणा भी की थी। इसी पर जल्द से जल्द अमल किया जाना है।