सेब का लाइसेंस बनवाने के नाम पर मार्केट कमेटी सचिव और मंडी सुपरवाइजर के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस ने शिकायतकर्ता को नोटिस भेजकर साक्ष्यों के साथ कार्यालय बुलाया है। इसके लिए विजिलेंस ने 15 दिन का समय दिया है।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ के सेक्टर 20ए निवासी नरेश कुमार ने हाल ही में एडवाइजर मनोज परिदा, उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ और विजिलेंस को इसकी लिखित शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मार्केट कमेटी सचिव एमके शर्मा और मंडी सुपरवाइजर किशोरी लाल के अतिरिक्त दो अन्य लोगों पर सेब लाइसेंस बनवाने के नाम पर 1.5 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था।
विजिलेंस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच के तहत शिकायतकर्ता को विजिलेंस ने कार्यालय बुलाया है। जहां नरेश की ओर से दिए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जाएगी। शिकायतकर्ता नरेश ने बताया कि सोमवार या मंगलवार को वह साक्ष्यों के साथ विजिलेंस कार्यालय जाएंगे।
इस बारे में एमके शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी, चंडीगढ़ ने कहा कि मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मुझे मामले की जानकारी नहीं है। वहीं मंडी सुपरवाइजर किशोरीलाल ने कहा कि मेरी छवि को बिगाड़ने के लिए षड्यंत्र के तहत यह शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।