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लड़की के शव से गुर्दा था गायब: हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश, 2021 में सर्जरी के बाद अस्पताल में हुई थी माैत

Wed, 16 Jul 2025 08:15 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जस्टिस कुलदीप तिवारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि मेडिकल रिपोर्ट मृतका के गायब गुर्दे जैसे गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मौन है। इसके अलावा, इस विषय पर किसी विशेषज्ञ की राय लेने का कोई दस्तावेज भी अदालत के समक्ष नहीं है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लुधियाना के एक अस्पताल में 22 वर्षीय युवती की मौत के बाद उसके शरीर से बाएं गुर्दे के गायब होने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच का आदेश दिया है। 
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हाईकोर्ट ने लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को मामले की जांच करने और आवश्यकता पड़ने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है।

जस्टिस कुलदीप तिवारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि मेडिकल रिपोर्ट मृतका के गायब गुर्दे जैसे गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मौन है। इसके अलावा, इस विषय पर किसी विशेषज्ञ की राय लेने का कोई दस्तावेज भी अदालत के समक्ष नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि मृतका का बायां गुर्दा नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि गायब हुए इस गुर्दे के पीछे की सच्चाई अभी भी रहस्य बनी हुई है जिसे जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।

सर्जरी के लिए अस्पताल में लाया गया था

यह याचिका मंगत राम शर्मा ने दायर की थी जिनकी बेटी तान्या शर्मा को एक जून 2021 को सर्जरी के लिए लुधियाना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 जून को डाॅक्टर व्योम भार्गव (स्पाइन ब्रेन सर्जन) और अन्य डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी की। सात जून को दूसरी सर्जरी भी की गई लेकिन युवती की हालत लगातार बिगड़ती रही। 

16 जून 2021 को उसकी मृत्यु हो गई। शिकायतकर्ता (पिता) की रिपोर्ट पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतका का बायां गुर्दा गायब था। इस आधार पर याचिकाकर्ता ने मेडिकल लापरवाही और आपराधिक षड्यंत्र की आशंका जताई। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने मृत्यु के संभावित कारण बताए हैं लेकिन डाॅक्टरों की संभावित लापरवाही पर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं दिया।
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