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Mission 2024: लोस चुनाव में हर शिकायत पर 100 मिनट में होगी कार्रवाई, ईवीएम वाहनों में लगेगा जीपीएस सिस्टम

Mon, 11 Mar 2024 02:08 PM IST
निवेदिता वर्मा विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को चुनाव में बढ़-चढ़कर वोटिंग किए जाने को लेकर पंजाब के हर जिले में स्पेशल ड्राइव चलाकर वोटर आईडी कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए स्पेशल मोबाइल वैन शुरू की गई हैं। लोगों का नाम मतदाता सूची में है या नहीं, इनमें किसी प्रकार की कोई त्रुटि है, तो उसे संशोधित करने के लिए ड्राइव चलाई जा रही है।
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लोकसभा चुनाव
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विस्तार
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आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आचार संहिता लागू होते ही जमीन पर इसे लागू किया जाएगा। मुख्य उद्देश्य है कि राज्य में चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूर्ण हो। इसके लिए केंद्र, भारत निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार से हर संभव मदद ली जा रही है। हर शिकायत पर 100 मिनट में कार्रवाई की जाएगी। ईवीएम वाहनों की सुरक्षा के लिए उनमें जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। यह जानकारी प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में दी। बातचीत के मुख्य अंश:-
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लोकसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत कैसे बढ़ाएंगे?
हमने लोकसभा चुनाव में नारा दिया है ‘इस बार 70 पार’। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक लोकसभा सीट पर मतदान प्रतिशत 70 पार रहना चाहिए। इसके लिए उपायुक्तों को उनके जिले के महत्वपूर्ण लोगों के वोटों की जांच करने के लिए कहा गया है। किसी का वोट बना है या नहीं, उस पर तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोई परेशानी न हो। चुनाव को उचित ढंग से कराने के लिए पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों के सहायक रिटर्निग अधिकारियों (एआरओ) को चंडीगढ़ और अमृतसर में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। युवाओं को चुनाव में मतदान करने के लिए जागरूक करने के लिए भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल को स्टेट आईकॉन बनाया गया है। पंजाब में कुल 2,12,32,308 मतदाता हैं।

चुनाव में कई शिकायतें आती हैं, इन पर कार्रवाई के लिए क्या प्लान है?
चुनाव प्रचार-प्रसार से मतदान तक की प्रक्रिया में सामने आने वाली शिकायतों के लिए इस बार मैं खुद मॉनीट्रिंग करूंगा। हर शिकायत पर 100 मिनट के भीतर एक्शन लिया जाएगा। 48 घंटे के भीतर उस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए इसकी रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को भी भेजी जाएगी। इसके लिए हर जिले में डीसी की निगरानी में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। सी-विजिल मोबाइल एप और मैन्युअल तरीके से आने वाली शिकायतों पर यह कमेटियां नजर रखेंगी।
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चुनाव के दौरान प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या बंदोबस्त हैं?
शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिए केंद्र से अब तक पंजाब को केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां मिल चुकी हैं। इन 25 कंपनियों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की पांच कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल ( बीएसएफ) की 15 कंपनियां और इंडो-तिब्बती बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की पांच कंपनियां शामिल हैं। स्पेशल डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अर्पित शुक्ला के नेतृत्व में प्रदेश के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों में इन सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा पंजाब पुलिस की कुल फोर्स के 75 प्रतिशत जवानों को चुनावी ड्यूटी में लगाया जाएगा। 25 प्रतिशत जवानों को पुलिस थानों के रूटीन कार्रवाई में तैनात रहेंगे।

ईवीएम और वीवीपैट मशीनों में गड़बड़ी को लेकर हर बार सवाल उठते हैं, इनकी सुरक्षा कैसे करेंगे?
ईवीएम और वीवीपैट मशीनों से किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो सके, इसके लिए स्ट्रॉन्ग रूम से पोलिंग स्टेशन तक जिन वाहनों में इन्हें ले जाया जाएगा। उन सभी वाहनों में  जीपीएस सिस्टम इंस्टाल किए जा रहे हैं। ऐसे 10 हजार वाहनों में जीपीएस सिस्टम इंस्टॉल किए जा रहे हैं। इन जीपीएस युक्त 10 हजार वाहनों की मॉनीटरिंग के लिए कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। कंट्रोल रूम के जरिये इन जीपीएस युक्त वाहनों पर नजर रखी जाएगी। इसी के साथ एक ऐसा वेब बेस्ड सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा, जिस पर कोई भी इन वाहनों की मॉनीटरिंग कर सके। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की हर मूवमेंट पर नजर रखी जा सके।

चुनाव के लिए कितने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की योजना है?
आरओ, एआरओ सहित 25 हजार इलेक्शन स्टाफ चुनावी ड्यूटी पर रहेगा। इसमें राज्य में जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर सहित पोलिंग बूथों पर इलेक्शन ड्यूटी स्टाफ के लिए 25 हजार कर्मचारियों का खाका तैयार कर लिया गया है। इलेक्शन ड्यूटी में पंजाब सरकार के तमाम विभागों के कर्मचारियों को इसमें शामिल किया गया है। मुख्य रूप से शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत अध्यापकों को इलेक्शन ड्यूटी में लगाए जाने के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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