जाम से कराह रहे चंडीगढ़ को रिंग रोड बनने से नया जीवन मिल जाएगा। पंजाब, हिमाचल और जम्मू को जाने वाला ट्रैफिक सारा रिंग रोड के रास्ते से निकल जाएगा। इससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिल जाएगी। अभी इन राज्यों का ट्रैफिक शहर के रास्ते से ही गुजरकर जाता है।
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शहर के कुल ट्रैफिक में इन राज्यों का करीब 40-45 प्रतिशत हिस्सा है। रिंग रोड से चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली, सारंगपुर, मुल्लापुर, जीरकपुर, बनूड़, लांडरा रोड, बद्दी, शिमला और कालका हाईवे बेहतर कनेक्टिविटी बन जाएगी। बाहर के ट्रैफिक को सिटी के अंदर नहीं आने दिया जाएगा। सड़क परिवहन राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के बीच रिंग रोड बनाने की मंजूरी दी थी, ताकि ट्राइसिटी पर बढ़ते ट्रैफिक लोड को कम किया जा सके।
कमेटी में तीनों राज्यों के अधिकारी शामिल
जानकारों ने बताया है कि रिंग रोड के निर्माण में करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। रिंग रोड प्रोजेक्ट की देखरेख के लिए पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने एक कमेटी भी गठित की है। यूटी के वित्त सचिव को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। रिंग रोड के निर्माण को लेकर पंजाब व हरियाणा सरकार के साथ मिलकर पूरी रूपरेखा तैयार करने के लिए यूटी के चीफ इंजीनियर को को-ऑर्डिनेटर बनाया गया है। रिंग रोड प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें गमाडा के चीफ इंजीनियर, एनएचएआई के पीडब्लयूडी डिपार्टमेंट दो चीफ इंजीनियर शामिल रहेंगे। इसके अलावा पंजाब व हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी कमेटी के सदस्य रहेंगे।
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- फोटो : File Photo
50 प्रतिशत खर्च एनएचएआई उठाएगा
चंडीगढ़ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण का 50 प्रतिशत खर्च नेशनल हाइवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) उठाएगा। इसमें लैंड व कंस्ट्रक्शन कास्ट दोनों शामिल रहेगा। इस प्रोजेक्ट की ड्राइंग व रिंग रोड के निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक सब नेशनल हाइवे डेवलपमेंट बोर्ड प्रोजेक्ट करेगा। हाल ही में चंडीगढ़ में गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ प्रशासन के साथ हुई नॉर्थ जोनल लेवल मीटिंग में रिंग रोड के निर्माण को लेकर भी मुद्दा उठाया गया था। इस पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को मिलकर इस प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए कहा था, ताकि ट्राईसिटी में बढ़ रहे ट्रैफिक के लोड को कम कर सकें।
ट्राइसिटी की इन सड़कों को जोडे़गा रिंग रोड
चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक रिंग रोड पंचकूला के माजरी चौक से सेक्टर-12 और 12ए से होकर गुजरती हुई पीर मुछल्ला, जीरकपुर के पिछले हिस्से से होकर एयरपोर्ट तक यह सड़क मोहाली और पंचकूला को जोड़ेगी। दूसरी तरफ मध्य मार्ग पंचकूला से होकर यह सड़क, हाउसिंग बोर्ड से होकर चंडीगढ़ मध्य मार्ग तक जाएगी। इससे वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाएगी। इस परियोजना के लिए एनएचएआई की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
तीन राज्यों के वाहन शहर के बाहर से होंगे टर्न
रिंग रोड बनने से लंबी दूरी के वाहन शहर में नहीं घुस सकेंगे। शहर में इस समय जम्मू, हिमाचल और पंजाब का ट्रैफिक गुजरता है। यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रोजाना दूसरे राज्यों से ट्राइसिटी से होकर गुजरने वाले करीब 1.5 लाख वाहनों का ट्रैफिक लोड रिंग रोड बनने से कम हो जाएगा। रिंग रोड बनने से सारा ट्रैफिक रिंग रोड से निकल जाएगा। फिर चंडीगढ़ में सिर्फ चंडीगढ़ का ही ट्रैफिक रह जाएगा। इससे ट्रैफिक को लेकर किसी को परेशानी नहीं आएगी।
कुछ इस तरह होगा रिंग रोड
- पंजाब के हिस्से में बनने वाला रिंग रोड कुराली, खरड़, बनूड़ हाईवे की ओर से अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे में लिंक करेगा
-चंडीगढ़ से यह रिंग रोड ट्रिब्यून चौक से होते हुए जीरकपुर, डेराबसी, लालडुु से होता हुआ नेशनल हाईवे-22 को लिंक करते हुए अंबाला-दिल्ली हाईवे पर निकल जाएगा
-हरियाणा से यह रिंग रोग बरवाला हाईवे से होता हुआ रामगढ़ स्ट्रेच से माजरी चौक से होता हुआ पंचकूला के सेक्टर-25-26 को जोड़ता हुआ जीरकपुर हाईवे पर निकल जाएगा, इसके बाद जीरकपुर से होता हुआ अंबाला-दिल्ली हार्हवे को कनेक्ट करेगा।
-हिमाचल से यह रिंग रोड बद्दी से शुरू होता हुआ पिंजौर-कालका हाईवे से होते हुए पंचकूला के माजरी चौक को लिंक करता हुआ सेक्टर 25-26 से होता हुआ जीरकपुर हाईवे के ओवरब्रिज से होते हुए अंबाला दिल्ली हाईवे पर निकल जाएगा। यदि हिमाचल से आ रहे वाहन को बरवाला, रामगढ़ या कुरुक्षेत्र की ओर जाना है, तो इस स्ट्रेच का इस्तेमाल कर वह माजरी चौक से रामगढ़ नेशनल हाईवे की ओर जा सकेगा।
-चंडीगढ़ से रिंग रोड की तरफ मध्य मार्ग से होता हुआ पंचकूला से होकर यह सड़क, हाउसिंग बोर्ड से होकर चंडीगढ़ मध्य मार्ग तक जाएगी। इससे वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाएगी।
पंजाब में सबसे ज्यादा एक्वायर होगी जमीन
यूटी के फाइनेंस सेक्रेटरी एके सिन्हा ने बताया कि अंबाल, ठेपला, बनूड़ और लांडरा रोड के एक पैरलल रोड निकाली जाएगी, इसके लिए जमीन एक्वायर की जाएगी। जो आगे जाकर कुराली व खरड़ हाइवे को लिंक करेगा।