दरअसल, उस समय मौसम में बदलाव आने लगते हैं। ठंड के साथ नमी बढ़ती है। वायुमंडलीय सतह पृथ्वी के करीब आती है। इसके साथ ही पंजाब व हरियाणा में किसान पराली जलाने लगते हैं। इस वजह से अक्तूबर के जाते ही वायु प्रदूषण खराब स्थिति में पहुंचने लगता है।
अक्तूबर में हवा खराब न हो, इसके लिए क्या करना चाहिए
यह काम सिर्फ सरकारों या प्रशासन के करने से नहीं होगा। इसमें लोगों की भागीदारी अत्यंत जरूरी है। यूटी प्रशासन को भी नीति बनाने के दौरान पंजाब व हरियाणा को भी शामिल करना होगा, क्योंकि सिर्फ चंडीगढ़ में प्रदूषण कम करने से कुछ फायदा नहीं होगा। क्योंकि चंडीगढ़ में प्रदूषण में हरियाणा व पंजाब का भी योगदान है।
एक आम व्यक्ति इसमें क्या भागीदारी निभा सकता है
अच्छा सवाल है। चंडीगढ़ एक ऐसा शहर है, जहां साइकिल से यात्रा की जा सकती है। अच्छे साइकिल ट्रैक बने हैं और यहां की पुलिस भी साइक्लिंग के लिए गंभीर है। मार्केट या रोजमर्रा के काम के लिए साइकिल का इस्तेमाल करें। लाइट पर जब खड़े हों तो अपने व्हीकल का इंजन बंद कर दें। सर्दियों के वक्त कूड़ा न जलाएं। प्रदूषण बढ़ने पर अपने घर के आसपास पानी का छिड़काव करें। प्रशासन को पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बैटरी या इलेक्ट्रिक संचालित बनाना होगा। साथ ही टूटी सड़कों का जल्द से जल्द निर्माण करना चाहिए।
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