नीदरलैंड के द हेग में स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारतीय समयानुसार साढ़े छह बजे उपरोक्त फैसला मुख्य न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने पढ़कर सुनाया। इस फैसले से जहां जाधव के परिवार, पूरे भारत, भारत समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पुरातन विद्यार्थी डॉ. विष्णु दत्त शर्मा का उक्त मामले महत्वपूर्ण योगदान, केयू के इतिहास में गौरवशाली अध्याय के रूप में जुड़ चुका है। हरियाणा की मदर यूनिवर्सिटी कहे जाने वाली कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पासआउट अनेक पुरातन विद्यार्थी पिछले छह दशकों के दौरान देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। डॉ. विष्णु दत्त शर्मा भी इन्हीं में से एक हैं। भारत के पक्ष में आए अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले से डॉ. विष्णु दत्त शर्मा का बयान आने के बाद ही अधिकृत अवगत कराया गया।
केयू से एलएलएम और इंटरनेशनल लॉ में की थी पीएचडी
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने डॉ. विष्णु दत्त शर्मा की सराहना की। बताया गया है कि डॉ. विष्ण दत्त शर्मा ने केयू से एलएलएम करने के पश्चात प्रोफेसर डॉ. सूर्य पी शर्मा के अधीन इंटरनेशल लॉ में पीएचडी की।
केयू में शिक्षक भी रहे डॉ. विष्णु दत्त शर्मा
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और कानूनी सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन डॉ. विष्णु दत्त शर्मा ने जहां कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा और शोध किया, वहीं इसके अलावा एक जमाने में इसी यूनिवर्सिटी में बतौर शिक्षक वे विद्यार्थियों को पढ़ाते भी रहे।