पानीपत के एसपी सुमित कुमार ने मेधावियों से कहा कि ज्ञान इस तरह हासिल करिए, जो आपके व्यक्तित्व में झलके और उसे निखारे। आपने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया और अब इसे आगे भी कायम रखना है, इसके लिए और मेहनत जरूरत होगी, जिसके लिए आपको तैयार रहना है।
वह अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को आर्या पीजी कॉलेज में भविष्य ज्योति कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे थे। इस मौके पर जिले के विभिन्न स्कूलों से आए 52 मेधाविधों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि सुमित कुमार के हाथों सम्मान पाकर मेधावी खुश हुए।
एसपी सुमित कुमार ने मेधावियों को अपना उदाहरण देते हुए जीवन में हमेशा आगे बढ़ने और आत्मविश्वास कायम रखने के लिए प्रोत्याहित किया। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई में उन्हें बाकी विषयों की अपेक्षा विषय गणित को हमेशा ज्यादा अहमियत दी, ज्यादा वक्त दिया।
एक बाद मन में सवाल आया तो प्रिंसपल और अपने शिक्षकों से पूछा कि जिस विषय गणित को अपना 90 फीसदी वक्त दिया, उसे जीवन में इस्तेमाल कहां करना है, यह पता ही नहीं। गणित जीवन में काम नहीं आ रही। इससे अच्छा तो किसी और विषय को वक्त देता तो शायद ज्यादा काम आती। तब मुझे प्रिंसिपल और शिक्षकों ने बहुत ही अच्छा जवाब दिया और उनकी बात भी सही साबित हुई।
प्रिंसिपल और शिक्षकों ने कहा कि किसी विषय के प्रिय होने के मायने यह नहीं कि वह आपके काम आए या नहीं, लेकिन इस एक विषय में रुचि और दिए गए अधिक वक्त ने आत्मविश्वास पैदा किया है। जो व्यक्तित्व में दिखता है। पढ़ाई आपकी सोच को विकसित करने के लिए है, जो काम गणित ने किया।
एसपी ने कहा कि पढ़ाई हमारे व्यक्तिव को अलग से निखार देती है, जीवन को निखाने में मदद करती है। ऐसे में यह कभी मत सोचिएगा कि जो पढ़ा वह काम आ रहा है या नहीं। आपने जो पढ़ा है, वह आपके व्यक्तित्व में दिखेगा। उन्होंने मेधावियों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि जीवन में इसी मेहनत करें। जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि आर्या कॉलेज के प्रिंसिपल जगदीश गुप्ता ने मेधावियों से कहा कि मेहनत करने की अभी आपकी शुरुआत है। अभी करियर में बहुत मेहनत करनी है। हर क्षेत्र में अपना 100 फीसदी दें। उन्होंने मेधावियों से कहा कि अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए इंटरनेट की मदद लें, लेकिन सोशल मीडिया से दूरी बनाएं।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने टॉप किया था, तब एक संस्था ने उन्हें सम्मानित किया था, जिसे वह आज भी याद करते हैं। मेधावी बिलकुल भी तनाव नहीं लें, यह आपकी तनाव लेने की उम्र नहीं है, जो भी बात आपको परेशान करे, उसे अपने बड़ों से साथ साझा करें।