पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी ने वीरवार को चंडीगढ़ के इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा कर खामियां को जांचा।
कमेटी सदस्यों ने एयरपोर्ट पर रेस्टोरेंट, वेटिंग रूम, वाई-फाई, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं न होने पर एयरपोर्ट के अफसरों से सवाल जवाब किए। कमेटी ने अधिकारियों से पूछा कि क्या इसे ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट कहते हैं।
वीरवार को कमेटी के सदस्य दोपहर के समय अलग-अलग फ्लाइट्स से चंडीगढ़ पहुंचे। इसमें संसदीय सदस्यों और उच्च अधिकारियों का 31 सदस्यीय दल शामिल था।
लोकसभा सांसद रमेश बैंस की अगुवाई में दो दिवसीय दौरे पर पहुंची कमेटी ने यहां बुनियादी सुविधाओं को जांचा। इसके बाद कमेटी एक रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर एयरपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। जांच के दौरान कमेटी के सदस्यों ने समस्याएं और खामियां नोट कीं।
पार्लियामेंटरी कमेटी बुनियादी ढांचे की समीक्षा कर एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच के बाद सदस्यों ने एयरपोर्ट के बुनियादी विकास की योजनाओं पर बात की।
सदस्यों ने एयरपोर्ट से यातायात, पर्यटन व सांस्कृतिक गतिविधियां बढ़ाने पर भी अधिकारियों के सुझाव लिए।
ये सदस्य शामिल रहे
मॉक ड्रिल, चंडीगढ़ एयरपोर्ट
- फोटो : amar ujala
इस कमेटी में रामेश बैंस, सजित कुमार, तेज कुमार सिब्बल, नीलम सोनकर, इंद्रा कुंबर, शेर सिंह गुबाया, हेमराम सरोजनी, भगवंती खुब्बा, सदाशिव लाटवाड़े, प्रो. एसआर नायक और ममता ठाकुर जैसे वरिष्ठ सांसद व अनुभवी अधिकारी थे। गौरतलब है कि पार्लियामेंटरी कमेटी 20 से 23 जून तक मुंबई दौरे पर थी, इसके बाद 23 से 26 जून तक चंडीगढ़ और 27 जून को श्रीनगर दौरे पर रहेगी।
वेतन और वर्किंग ऑवर पर पूछताछ की
दूसरी कमेटी श्रम व बेरोजगार मंत्रालय की तरफ से आई हुई थी। इस कमेटी में 11 सदस्य थे। जिन्होंने एयरपोर्ट में काम कर रहे कर्मचारियों से उनके वेतन व काम करने के घंटों के बारे में पूछताछ की। इसके साथ अधिकारियों से एयरपोर्ट पर काम रहे कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं के बारे में भी बात की गई।
कोट
पार्लियामेंटरी कमेटी के दौरे के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की व्यवस्था में सुधार होगा। यहां जो भी कमियां हैं, कमेटी की रिपोर्ट का आंकलन कर उसमें सुधार किया जाएगा।
-सुनील दत्त, सीईओ, एयरपोर्ट चंडीगढ़।