चंडीगढ़। जिला अदालत ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी के आरोपी कुलदीप सिंह गिल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। उसने याचिका में कहा था कि चिकनगुनिया की बीमारी के चलते उसे निजी अस्पताल में इलाज करवाना है। इस पर अदालत ने कहा कि जेल में हर तरह की मेडिकल सुविधा मिलती है और हर तरह का इलाज होता है। इस आधार पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती है।
बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी को 25 अप्रैल को चिकनगुनिया हो गया था और इसका इलाज वह मोहाली के एक निजी अस्पताल में करवाना चाहता है। वहीं सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को जमानत देने पर वह मामले को प्रभावित कर सकता है।
बता दें कि सेक्टर-22 स्थित एक इमिग्रेशन कंपनी के मालिक कुलदीप गिल को दो महीने पहले पुलिस ने पठानकोट वासी कुमार दर्पण से 2.94 लाख रुपये ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस को आरोपी के खिलाफ अन्य लोगों ने भी ठगी की शिकायतें दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज किए। होशियारपुर के रहने वाले राहुल राणा ने भी शिकायत में बताया कि कनाडा का वर्क वीजा दिलवाने के नाम पर आरोपी ने उससे 1.46 लाख रुपये ठगे थे।