धर्म परिवर्तन करके निकाह करने वाली हिंदू संगठन के कार्यकर्ता की बेटी ने कोर्ट में दो टूक बात कही और अपने पति समुदाय विशेष के साथ ही रहने चली गई। इससे पहले नारी निकेतन से लाकर पुलिस ने युवती को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सरकारी वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि युवती का निकाह अवैध है। जहां उसने निकाह किया, वह स्थान अवैध है।
इसके बाद युवती ने कहा कि जज साहब मैं बालिग हूं, सही गलत समझती हूं। मुझे इजाजत दी जाए कि मैं जहां रहूं अपनी मर्जी से रहूं। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि लड़की बालिग है। वह जहां जाना चाहे, जा सकती है। लड़की के कोर्ट से बाहर आते ही उसका पति नबील भी वहां पहुंच गया। इसके बाद पुलिस कस्टडी में युवती व नबील को यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित थाना भवन ले जाया गया।
युवती नबील के साथ रहने चली गई। इसके साथ 37 दिन तक चले मामले का पटाक्षेप हो गया।
शादी अवैध है, नारी निकेतन में रहे लड़की: सरकारी वकील
बुधवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह शादी अवैध है। जहां शादी की गई है, वह मदरसा न तो रजिस्टर्ड है और न ही उसकी कोई मान्यता है। अवैध रूप से शादी हुई है। इसलिए युवती को नारी निकेतन में रखा जाए। जब लड़की को नारी निकेतन से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया तो यहां युवक के परिजनों ने भी लड़की से बात की। कोर्ट में फैसले के बाद युवती के पिता ने हंगामा किया। बताया जा रहा है कि उसने युवक व उसके परिजनों को धमकाया।
यह था मामला
10 जून 2019 को युवती अपने घर से चली गई थी। परिजनों ने सऊदी अरब में रहने वाले युवक नबील व अन्य पर साजिश रचकर उनकी बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया था। 12 जून को लड़की की तरफ से पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में सुरक्षा को लेकर याचिका दी गई। इसमें बताया कि उसने नबील के साथ निकाह कर लिया है और वे सुरक्षा चाहते हैं।
याचिका पर सुनवाई के लिए जब युवक और युवती हाईकोर्ट जा रहे थे तो रास्ते में कुछ लोगों ने मारपीट की और युवती को अपने साथ ले गए। उसके बाद युवती उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गांव बिहारीगढ़ की एक मस्जिद में मिली। फिर उसे यमुनानगर पुलिस को सौंप दिया। मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान कराकर उसे दो दिन के लिए नारी निकेतन भेज दिया गया।
गत आठ जुलाई को कोर्ट ने उसे नारी निकेतन करनाल में भेज दिया। तब से वहीं से कोर्ट में उसकी पेशी हो रही थी।