फिरोजपुर की सीमा में इस साल में अब तक पांच पाकिस्तानियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ करते हुए पकड़ा जा चुका है, जिनमें से दो पाकिस्तानी सेना के जवान हैं। इसके अलावा फरवरी में एक पाकिस्तानी तस्कर को भारतीय सीमा में घुसने पर गोलीबारी के दौरान बीएसएफ ने मार गिराया था, उसका एक साथी फरार हो गया था। हालांकि पंजाब से लगती एलओसी पर तारबंदी की गई है फिर भी कुछ प्वाइंट ऐसे हैं जहां से घुसपैठ होने की संभावना बनी रहती है।
इसके अलावा सतलुज नदी कई बार पाकिस्तान में जाने के बाद फिर से भारतीय सीमा में प्रवेश करती है। नदी के जरिए भी घुसपैठ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बीएसएफ की तरफ से पानी में बोट स्थायी तौर पर तैनात की गई है।
सतलुज दरिया का चेक पोस्ट सबसे संवेदनशील इलाका है। यहां से सतलुज का पानी पाक जाता है। फिर पाक रेंजर्स की अखनूर चेकपोस्ट से भारत के टेडीवाल में आता है। जलमार्ग से घुसपैठ आसान है। जम्मू-कश्मीर से निकल कर रावी दरिया गुरदासपुर के बमियाल सेक्टर से पाक में दाखिल होता है। दीनानगर हमले के आतंकी यहीं से घुसे थे।
50 किमी के दायरे में करीब 12 बार रावी दरिया भारत में आता है। बीएसएफ जवानों के मुताबिक इन जगहों पर ड्यूटी देना बेहद कठिन है। कई प्वाइंट्स ऐसे हैं, जहां से आसानी से घुसपैठ हो सकती है। वहीं रविवार को अलदीवाल में हमला किया गया, वहां से कुछ दूरी पर ही भारत-पाक सीमा पर अजनाला क्षेत्र में टांदीपुर और कमालपुर के पास दो आतंकवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनके पास से हथियार बरामद हुए थे। आईबी के सोमवार के अलर्ट के बाद सूबे में चौकसी बढ़ा दी गई है।