चंडीगढ़। बीमा पॉलिसी पूरी होने के नाम पर बुजुर्गों को ठगने वाले आरोपियों ने पूछताछ में अहम खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वे करीब चार साल से जीरकपुर में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। इसका मुखिया मनीष कुमार और योगेश वर्मा था। इन दोनों ने अन्य आरोपियों को पॉलिसी का डाटा इकट्ठा करने समेत अलग-अलग काम सौंपा था। किसी भी व्यक्ति से धोखाधड़ी पर ये सभी आपस में पैसे बांट लिया करते थे। तीन दिन के रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से पता लगाने में जुटी है कि वे अबतक कितने लोगों से धोखाधड़ी कर चुके हैं।
जानकारी के अनुसार इन शातिरों के झांसे में आकर 16 लाख 54 हजार रुपये की ठगी का शिकार हुए सेक्टर-44/ए निवासी निर्मल सिंह (83) की शिकायत पर साइबर सेल ने जीरकपुर में फर्जी कॉल सेंटर पर छापामार कर योगेश वर्मा, प्रणव, मनीष कुमार, राकेश कुमार, शुभम भारद्वाज और अर्जुन यादव को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया था कि वे सिर्फ बुजुर्गों को ही निशाना बनाते थे।