मनीमाजरा। नगर निगम चंडीगढ़ द्वारा दो नागरिकों पर 13,409 का चालान लगाने के बाद उन्हें ढोल बजवाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की घटना ने मनीमाजरा क्षेत्र में तूफान खड़ा कर दिया है। इसे लेकर जिला कांग्रेस ने निगम प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए इसे तानाशाही, अमानवीय और मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत ढिल्लो ने इसे लेकर निगम प्रशासन को कठघरे में लाते हुए कहा कि यह जागरूकता नहीं, जनता का अपमान है। किस कानून में लिखा है कि किसी भी नागरिक को सड़क पर खड़ा कर ढोल बजवाया जाए? यह निकृष्ट और असंवेदनशील कार्रवाई है। निगम अपनी नाकामी छिपाने के लिए नागरिकों को बदनाम कर रहा है। पहले अपने कर्मचारी ठीक करो जो ऊपरी मंजिलों तक कूड़ा लेने ही नहीं जाते।
ढिल्लो ने बताया कि मनीमाजरा के कई परिवारों की शिकायत है कि निगम कर्मचारी पहली, दूसरी और तीसरी मंजिन तक कचरा लेने ही नहीं पहुंचते, जबकि यह उनकी लिखित जिम्मेदारी है। इसके उलट, नागरिकों को ढोल बजवाकर अपमानित करना गिरी हुई मानसिकता का उदाहरण है।
वहीं, मनीमाजरा वार्ड नंबर 5 की पार्षद दर्शना रानी ने भी इसे कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा निगम मनीमाजरा के नागरिकों को गलत तरीके से अपराधी जैसा दिखा रहा है। ढोल बजवाकर किसी को शर्मिंदा करना जागरूकता नहीं बल्कि एक अमानवीय, जनविरोधी हरकत है। पहले अपनी व्यवस्था दुरुस्त करो, सफाई कर्मचारियों को जवाबदेह बनाओ।
इस मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मेयर गुरचरण दास काला, पूर्व मेयर सुरिंदर सिंह, नरेंद्र सिंह नन्दी, संजीव गाबा, केआर. महाजन सहित दर्जनों नेताओं ने संयुक्त रूप से निगम प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस मनीमाजरा में नागरिकों को ढोल बजवाकर अपमानित करने जैसी तानाशाही परंपरा को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी।