महिला डॉक्टर को अपमानित करने पर फार्माकोलॉजी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. अमिताव चक्रबती को अपने पद से हाथ धोना पड़ गया।
पीजीआई प्रशासन ने यह फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश मिलने के बाद लिया है। उनकी जगह अब पैरामेडिकल साइंस के हेड ऑफ डिपार्टमेंट अरविंद राजवंशी लेंगे।
इस बारे में पीजीआई की ओर से आर्डर जारी हो गया है। महिला डॉक्टर ने यह आरोप करीब आठ महीने पहले लगाया था। शिकायत मिलने के बाद पीजीआई ने एक कमेटी गठित की।
कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि डॉ. चक्रबती का व्यवहार काफी अशोभनीय और निंदनीय था।
जानकारी के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले फार्माकोलॉजी विभाग की एक मीटिंग आयोजित हुई। इसमें विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नुसरत शफीक भी मौजूद थीं।
डॉ. नुसरत का आरोप था कि मीटिंग में पूरी फैकल्टी के सामने डॉ. अमिताव ने उन्हें बिना किसी कारण के काफी अपमानित किया।
इससे वे काफी आहत हो गईं और उन्होंने इसकी शिकायत संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर वाइके चावला से की। चावला ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एक जांच कमेटी गठित की।
कमेटी में न्यूरोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. जेएस चोपड़ा और डॉ. सविता मल्होत्रा को शामिल किया गया। जांच के दौरान मीटिंग में मौजूद सभी डॉक्टरों ने गवाही दी कि मीटिंग में डा. चक्रबती का व्यवहार चौंकाने वाला था।
वे डॉ. नुसरत के मामले में अपनी हद पार कर गए थे। कमेटी ने जांच में डॉ. चक्रबती को दोषी पाया और अपनी रिपोर्ट पीजीआई प्रशासन को सौंप दी। पीजीआई प्रशासन ने आगे इस रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेज दी।
मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और पीजीआई प्रशासन को डॉ. चक्रबती के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। इस पर पीजीआई ने डॉ. चक्रबती को पद से हटाने का फैसला लिया। उनकी जगह डॉ. अरविंद राजवंशी को विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।