पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने बुधवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रशासक ने पुलिस विभाग को त्योहारी सीजन के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विभिन्न समारोहों के दौरान लोगों की ज्यादा भीड़ एकत्रित न हो। प्रशासक ने कहा कि ऐसे जमावड़े कोरोना के संक्रमण के फैलने का कारण बन सकते हैं।
बैठक में प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह त्योहारों के समय विभिन्न मंदिर व गुरुद्वारों के बाहर कोरोना वायरस की जांच के लिए मोबाइल वैन खड़ी करें, ताकि अगर कोई श्रद्धालु कोरोना वायरस की जांच कराने को इच्छुक हो तो वह यहां करा सके। बैठक में डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि शहर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने और मास्क नहीं पहनने पर करीब 21,000 चालान काटे गए हैं।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की निदेशक ने कहा कि जल्द ही सूद धर्मशाला को बंद किया जा सकता है, क्योंकि अब वहां पर कोरोना वायरस के काफी कम मरीज रह गए हैं। उन्होंने कहा कि मलोया और फैदा गांव में मलेरिया, डेंगू आदि से बचने के लिए फॉगिंग कराई जा रही है। बदनौर ने ओपीडी की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सराहना की।
पीजीआई में कोरोना के 105 गंभीर मरीज भर्ती
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने बताया कि पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक में कोरोना वायरस के 105 गंभीर मरीज भर्ती हैं, जिसमें से 19 चंडीगढ़, 24 पंजाब, 22 हरियाणा, 6 हिमाचल प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों से संबंध रखते हैं। बताया कि उनके द्वारा लिए गए 565 कोरोना वायरस के सैंपल में से चंडीगढ़ में रहने वाले 35 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
जीएमसीएच-32 के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि 912 कोरोना वायरस के सैंपल में से सिर्फ 40 ही पॉजिटिव पाए गए हैं। कहा कि उनके द्वारा लिए गए कोरोना वायरस की जांच की सकारात्मकता दर 4.4 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग को भी तेज कर दिया गया है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने कहा कि उनकी ओर से लिए गए 931 कोरोना वायरस के सैंपल में से 57 पॉजिटिव पाए गए हैं। जांच की सकारात्मकता दर 6.1 प्रतिशत है।