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कर्ज की किस्तें गुजारे भत्ते की बाधक नहीं हो सकती :  हाईकोर्ट

Fri, 18 Nov 2016 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुजारे भत्ते में राहत को लेकर दाखिल याचिका को खारिज करते हुए अहम आदेश दिए हैं। पति ने कर्ज की ईएमआई का दबाव होने की बात कहते हुए पत्नी को गुजारा भत्ता देने में असमर्थता जताई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि बैंक की किस्त का दबाव होना पत्नी को उसका हक देने के मार्ग का बाधक नहीं बन सकता है।
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मामला रोहतक फैमिली कोर्ट की ओर से याची को उसकी अलग रह रही पत्नी को 20 हजार प्रतिमाह गुजारा भत्ता और 5500 रुपये मुकदमा खर्च देने के आदेश दिए थे। पति ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 

याची पति ने कहा था कि पत्नी नौकरी करती है और 45000 रुपये वेतन लेती है। इसके अलावा साथ ही ट्यूशन से भी कमाई करती है, ऐसे में गुजारा भत्ता नहीं मांग सकती। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची के 85 हजार वेतन पाने का सबूत है, जबकि पत्नी की नौकरी का कोई सबूत पेश नहीं किया गया। ऐसे में पत्नी को हर माह गुजारा भत्ता दिया जाए।
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