विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को सतलुज यमुना लिंक नहर का मुद्दा छाया रहा। इनेलो ने संसद के घेराव का ऐलान किया है। इस मुद्दे पर पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौरान नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने 15 मार्च को मामले को लेकर संसद के घेराव की बात कही। साथ ही इसमें शामिल होने का अन्य पार्टियों को भी न्यौता दिया।
उम्मीद जताई कि हरियाणा के हितों का ध्यान रखने वाली पार्टियां राजनीतिक फायदे को दरकिनारकर इसमें जरूर शामिल होंगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने एसवाईएल मुद्दे से जुड़े तमाम पहलुओं का जिक्र किया। कहा कि पहले हुए तमाम समझौतों के बावजूद पंजाब ने अधिकतर को मानने से इंकार कर दिया। इस वजह से हरियाणा को अब तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिल सका है।
अभय चौटाला ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब इनेलो के कार्यकर्ता 23 फरवरी को एसवाईएल की खुदाई के लिए कूच कर रहे थे, तो प्रदेश सरकार की ओर से तमाम रुकावटें खड़ी की गईं। मामले में सरकार पर गंभीर न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री गंभीर होते तो इस मुद्दे पर अब तक प्रधानमंत्री से मिलने का समय जरूर मिल जाता।
अभय चौटाला ने भारत-पाकिस्तान बंटवारे से पहले और बंटवारे के बाद देश की नदियों के पानी के बंटवारे से संबंधित सभी समझौते का भी ब्यौरा सदन में रखा।