हरियाणा में दोफाड़ हो चुकी इनेलो में चल रही विरासत की जंग में अब एक नया मोड़ आ गया है। पार्टी में हरियाणा इकाई के प्रधान महासचिव अजय चौटाला को पार्टी से निकाले जाने के बाद उनके निष्कासन पत्र की सत्यता को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ था, उस पर गुरुवार को विराम लग गया है। तिहाड़ जेल से इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने एक पत्र जारी कर यह साफ कर दिया है कि अजय चौटाला का निष्कासन पत्र फर्जी नहीं है।
ओम प्रकाश चौटाला के इस पत्र को बाकायदा सेंट्रल जेल, तिहाड़ के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने सत्यापित भी किया है। ओमप्रकाश चौटाला के इस हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि 12 नवंबर 2018 को जो पत्र इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से अजय चौटाला को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित और प्रधान महासचिव पद से मुक्त करने के संदर्भ में जारी किया गया था, उसे सत्यापित किया जाए।
इस पत्र में प्रधान महासचिव अजय चौटाला को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उनके खिलाफ उक्त कार्रवाई की बात कही गई है। उधर, इस लेटर के सार्वजनिक होने के बाद अजय चौटाला, उनकी पत्नी नैना चौटाला दोनों बेटों दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला ने फर्जी करार दिया था।
लेकिन अब ओपी चौटाला के इस पत्र ने इस विवाद को विराम दे दिया है।
उधर, अजय चौटाला ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इनेलो के लेटर पैड पर निष्कासन संबंधी पत्र तो 12 नवंबर को जारी किया गया था, लेकिन उस पत्र को 15 नवंबर को सत्यापित करवाया गया है। जिससे साबित हो गया है कि उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है।