इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के संगठनात्मक ढांचे में जल्द बदलाव किया जाएगा। विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिलने पर यह फैसला लिया गया। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में मेहनक करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को अच्छे पदों पर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हार-जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं। कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत के साथ लड़ाई लड़ी, लेकिन चुनाव के परिणाम उसके अनुरूप नहीं आए। इसके पीछे कुछ विरोधी ताकतों ने इनेलो के खिलाफ साजिश रची।
जहां पर हजकां और कांग्रेस के प्रत्याशी पिछड़ रहे थे। वहां सभी ने मिलकर बीजेपी का साथ दिया। बीजेपी ने भी कांग्रेस की तर्ज पर सीबीआई का दुरुपयोग करते हुए ओम प्रकाश चौटाला को चुनाव के ठीक पहले जेल भिजवा कर काफी नुकसान पहुंचाया है। उधर, जयललिता की सजा होना भी इनेलो पार्टी के खिलाफ गया है।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि वे पार्टी के प्रधान होने के नाते हार की जिम्मेदारी लेते हैं। पिछले चुनाव की खामियों को दोबारा दोहराया नहीं जाएगा। कार्यकर्ताओं को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष सतीश नांदल ने कहा कि कार्यकर्ताओं को निराश होने की जरूरत नहीं है। यह समय चिंता का नहीं चिंतन का है। उन्होंने आह्वान किया कि ओमप्रकाश चौटाला की अनुपस्थिति में प्रत्येक कार्यकर्ता सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाए।
बैठक में पूर्व सांसद कैप्टन इंद्र सिंह, पूर्व विधायक बलवंत मायना, पूर्व विधायक सरिता नारायण, पूर्व जिलाध्यक्ष बलवान सुहाग, पूर्व चेयरमैन धर्मपाल मकडोली, कृष्ण कौशिक, इन्द्र सिंह ढुल, सतीश भालोट, शहरी प्रधान राजीव खुराना, राज शर्मा, सतीश दास, सतीश फरमाना, डॉ. नफे सिंह लाहली, डॉ. संदीप हुड्डा, महिला प्रधान उमेश देवी, प्रेमलता खत्री,जगदीश खत्री, आशीष गुलिया, रविन्द्र सांगवान, जनत्रीदेवी, सुनीता हुड्डा, राजोराठी उपस्थित थे।