इस तरह बढ़ा छह माह में खर्चा
पेट्रोल
वर्तमान रेट- 82.52 रुपये प्रति लीटर
छह माह पहले- 77.44 रुपये प्रति लीटर
डीजल
वर्तमान रेट- 75.63 रुपये प्रति लीटर
छह माह पहले- 73.21 रुपये प्रति लीटर
दाल (अरहर)
वर्तमान रेट- 120 रुपये प्रति किग्रा
छह माह पहले- 95 रुपये प्रति किग्रा
रिफाइंड तेल
वर्तमान रेट- 125-130 रुपये प्रति लीटर
छह माह पहले- 95 रुपये प्रति लीटर
घरेलू एलपीजी सिलिंडर
वर्तमान रेट- 703 रुपये
छह माह पहले- 603 रुपये
हेयर कटिंग
वर्तमान रेट- 100 से 120 रुपये
छह माह पहले- 50 से 70 रुपये
हर माह लगता है महंगाई का झटका
मोहाली निवासी नीलम काला का कहना है कि मासिक वेतन में गुजारा करना अब आसान नहीं है। पहले 20 हजार रुपये तक में घर का खर्च पूरा हो जाता था, लगातार महंगाई से अब महीने के अंत में हाथ खींचकर खर्च करना पड़ता है।
बिना कारण ही महंगाई बढ़ी है, सरकार को विचार करना चाहिए
आईबीआई के चेयरपर्सन डॉ. सतीश वर्मा का कहना है कि गृहस्थी चलाने में दो चीजें महत्वपूर्ण होती हैं। एक इनकम और दूसरे खर्चे। पहले कई चीजों पर सब्सिडी सीधे मिलती थी। उसके बाद खाते में भेजने का प्रावधान किया गया। अब सब्सिडी लगभग खत्म ही कर दी गई है। जो भी महंगाई कोविड के बाद बढ़ी वह व्यापारी अपनी हानि को पूरा करने के लिए बढ़ा रहे हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इस ओर ध्यान दे। जहां रियायत दी जा सकती है, वहां लोगों को रियायत देनी चाहिए क्योंकि कोरोना में लोगों की आमदनी घटी है और खर्चे बढ़े हैं।